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ह्यू पोर्टल लांच, करीब 100 करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर लटके

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पानीपत। सरकार ने विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स यानी ह्यू पोर्टल को लांच कर दिया है। अब 12 विभागों को अपने विकास कार्य के टेंडर इसी पोर्टल के जरिये करवाने होंगे। इसके माध्यम से पूरी टेंडर प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पेपरलैस होगी।
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पोर्टल पर सभी विकास कार्य के एस्टीमेट से उसकी डीएनआईटी यानी डिटेल नोटिस इनवाइटिंग टेंडर और बिलिंग तक की जानकारी होगी। वहीं, सरकार ने मौजूदा टेंडर प्रक्रिया के दौर से गुजर रहे टेंडर को भी इसी पोर्टल के जरिये आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि इससे 12 विभागों के करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर लटक गए हैं। इनको अब दोबारा से इस पोर्टल के जरिये लगवाया जाएगा।
बता दें कि सरकार ने पहले नगर निगम के लिए डब्ल्यूएमएस पोर्टल को लांच किया था। अब ह्यू पोर्टल को सभी विकास कार्य करवाने वाले संबंधित विभागों के लिए लांच किया गया है। इसमें नगर निगम समेत एचएसवीपी, सिंचाई विभाग, पब्लिक हेल्थ, पीडब्यलूडी, पंचायत विभाग, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, एचएसएएमबी, हरियाणा टूरिजम कॉरपोरेशन, एचएसआईआईडीसी, जीएमडीए-एफएमडीए-पीएमडीए, एचपीजीसीएल- एचवीपीएनएल के इंजीनियरिंग वर्क्स शामिल रहेंगे।
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ये रहेगा पोर्टल में शामिल
डब्ल्यूूएमएस वेब पोर्टल की तर्ज पर ह्यू पोर्टल पर टेंडर संबंधित फंड का आवंटन, सभी संबंधित यूएलबी को हेड ऑफिस से ग्रांट जारी करना, तैयारी नए संशोधित प्राक्कलन, प्रशासनिक स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, एमबी, बिल तैयार करने, बिलों के भुगतान और ऑडिट की मंजूरी की जानकारी उपलब्ध रहेगी। इसमें टेंडर की प्रक्रिया, तुलनात्मक स्थिति और काम का आवंटन व्यवस्था में इन मॉड्यूल को विकसित किए जाने के बाद से अलग से किया जाएगा। जिन विकास कार्यों के फंड को यूएलबी अपने स्तर पर मैनेज कर रहा है, जिनमें नगर निगम फंड, एमपी लैड, डिपॉजिट वर्क्स, डी-प्लान आदि भी डब्ल्यूएमएस के जरिये ही प्रोसेस किए जाएंगे।
इससे ये होगा फायदा
पहले किसी भी टेंडर के लिए मैनुअल फाइल बनाई जाती थी। इसमें कुछ टेंडर की फाइलें गुम तक हो जाती थी। वहीं कुछ टेंडर की डिटेल, उनके एस्टिमेट या वर्क आर्डर के लिए अधिकारियों को खुद एक-दूसरे अफसरों के कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। वहीं निदेशालय को भी कई बार दस्तावेजों को मंगवाने में महीनों व सालों तक का समय लगा जाता था। इससे विकास कार्य तो धीमी गति से होते ही थे, साथ में भ्रष्टाचार में संलिप्तता के ज्यादा लक्षण सामने आने लगे थे। इस पोर्टल के जरिये अब सभी काम ऑनलाइन होंगे और अधिकारी उन्हें यूजर आईडी पासवर्ड के जरिये मॉनिटर कर सकेंगे कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास है और उसमें क्या क्या बदलाव किए गए हैं।
कल होगी ट्रेनिंग, इन-प्रोसेस टेंडर की ली जाएगी अनुमति
इस संबंध में सोमवार को मुख्यालय में बैठक होगी। इसमें ह्यू पोर्टल के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें संबंधित जानकारी के साथ जरूरी टेंडरों की अनुमति भी ली जाएगी। इसके बाद फैसला होगा कि जो टेंडर इन प्रोसेस हैं, उनको खोला जा सकता है या नहीं। खोला जा सकता है तो उसके लिए क्या प्रक्रिया होगी।
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प्रदीप कल्याण एक्सईएन नगर निगम
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