पानीपत। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा दे चुके उन अभ्यर्थियों को इस बार जेब ढीली करनी पड़ रही है, जिन्होंने वेबसाइट पर अपलोड उत्तर कुंजी में आपत्तियां दर्ज कराई हैं। ऐसे अभ्यर्थियों को प्रत्येक प्रश्न के हिसाब से एक हजार रुपये चुकाने पड़े हैं। सात दिसंबर आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि थी।
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) तीन और चार दिसंबर को आयोजित की गई थी। इसके बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने उत्तर कुंजी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दी थी ताकि अभ्यर्थी उत्तर का मिलान कर सकें। साथ ही अभ्यर्थियों को सात दिसंबर तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया था। खास बात यह है कि इस बार बोर्ड ने अभ्यर्थियों की तरफ से दर्ज कराई जाने वाली आपत्तियों के हर प्रश्न के लिए एक हजार रुपये का शुल्क निर्धारित किया था। इसके लिए अभ्यर्थियों को शिकायत के साथ संबंधित प्रश्न के उत्तर के पुख्ता प्रमाण भी उपलब्ध करवाने थे। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि सरकारी शिक्षक बनने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से अध्यापक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किया गया है। पहली से पांचवी कक्षा तक के प्राथमिक शिक्षकों को पीआरटी लेवल की परीक्षा उत्तीर्ण करनी आवश्यक है, जबकि स्नातक शिक्षक के लिए लेवल-2 यानी टीजीटी की परीक्षा और स्नातकोत्तर शिक्षक के लिए लेवल-3 अर्थात पीजीटी की परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
जिले में इतने अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा
लेवल अभ्यर्थी
लेवल-3 पीजीटी 2805
लेवल-2 टीजीटी 4161
लेवल-1 पीआरटी 1441
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा तीन और चार दिसंबर को आयोजित की गई थी, जिसकी उत्तरकुंजी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। प्रत्येक प्रश्न के हिसाब से अभ्यर्थियों को एक हजार रुपये शुल्क जमा करवाना अनिवार्य था।
- डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।