समालखा। नई अनाज मंडी में होने वाली मुख्यमंंत्री मनोहर लाल की रैली को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा जोर शोर से तैयारियां की जा रही हैं। लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री रैली में समालखा वासियों के लिए करोड़ों की सौगात दे सकते हैं। इस बीच प्रशासन पिछली घोषणाओं और शहर की समस्याओं पर लीपापोती करने में जुटा है, ताकि सीएम के सामने शहर की समस्याएं उजागर न हो सके।
उल्लेखनीय है कि नई अनाज मंडी में रविवार को सीएम मनोहर लाल की रैली है और भाजपा नेताओं का कहना है कि इसमें सीएम शहरवासियों को सौगात दे सकते हैं, लेकिन आमजन का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2019 में जौरासी रैली और इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर की गई घोषणाओं को आज तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। भापरा स्टेडियम में सीएम का हेलीकॉप्टर उतरेगा और वे स्टेडियम की बदहाली न देख सकें, इसलिए वहां पर साफ सफाई करवाकर वास्तविकता को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है।
शहर में एकमात्र भापरा स्टेडियम अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर है। इस वर्ष इसी स्टेडियम में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ध्वजारोहण करने के बाद कई घोषणाएं की थी जो केवल कागजों तक ही सीमित रह गईं। लाखों की लागत से ओपन जिम बनाया गया था जो रखरखाव के अभाव में बेकार हो गया है। साथ ही पांच लाख की लागत से बॉक्सिंग रिंग बनाया गया था, लेकिन उसकी हालत जनता के पैसे की बर्बादी को दर्शाती है।
सीएम के कार्यक्रम को देखते हुए एनएचएआई भी सर्विस लेन मरम्मत और सफाई करने मे जुटा है। पानीपत की तरफ सर्विस लेन पर इंडस्ट्रियल एरिया के साथ से गुजर रहे ड्रेन की निकासी नहीं है। सीएम को दिखाने के लिए फ्लाईओवर के साथ लगते ड्रेन के साथ ज्वाइंट करने के लिए सीवरेज बनाए गए हैं, लेकिन इंडस्ट्रियल एरिया के ड्रेन को और फ्लाईओवर के ड्रेन के साथ जोड़ने के लिए पाइप नहीं बिछाई गई हैं। लोगों का कहना है कि ये मात्र दिखावे के लिए किया जा रहा है और रैली के बाद समस्या ज्यों की त्यों बनी रहेगी।
प्रशासन द्वारा सीएम के रूट के रास्ते में सफाई अभियान चलाया गया और रास्तों को दुरुस्त किया गया, लेकिन दिल्ली लेन पर पुराने बस अड्डे से लेकर हथवाला मोड़ तक रोड पर ही मिट्टी और रेत फैली हुई है तथा दिनभर धूल उड़ती है लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। शहर के सर्विस रोड के दोनों लेन पर दुकानदारों और कॉमर्शियल भवन मालिकों द्वारा अतिक्रमण किया गया है।
मुख्यमंत्री की पिछली घोषणाओं में पंजाबी धर्मशाला का निर्माण अधर में है। करीब 90 लाख की लागत से बनने वाली इस धर्मशाला पर तकरीबन इतने रुपये लग चुके हैं और केवल दो-तीन कमरे ही बन सके हैं और पूरी जगह पर जंगल बना है। वहीं रेलवे पार्क में भी लाखों रुपये का भ्रष्टाचार सामने आया था। पहले सीएम फ्लाइंग द्वारा इसकी जांच करवाई गई और अब करनाल नगर निगम के अधीक्षक अभियंता इसकी जांच करेंगे। पंजाबी समाज के लोगों का कहना है कि सीएम घोषणाओं में भी भ्रष्टाचार हो रहा है और फिर जांच के बाद जांच कराई जा रही है। आखिर जांच कब खत्म होगी और निर्माण कब पूरा होगा।