पानीपत। हैंडलूम दिवस सात अगस्त को है। आईआईएचटी एल्युमनाई एसोसिएशन द्वारा इसके उपलक्ष्य में रविवार को पानीपत के सेक्टर-25 स्थित एक निजी गार्डन में हैंडलूम डे मनाया गया। जिसमें हैंडलूम के क्षेत्र में पानीपत के उद्यमियों के साथ उनके कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले बुनकरों के संघर्ष की कहानी पर चर्चा की गई। इसके साथ हैंडलूम जुड़ने के बाद पानीपत के विश्व के मानचित्र पर नाम लिखने पर हर उद्यमी और बुनकर की छाती चौड़ी नजर आई। समारोह में 50 बुनकरों को सम्मानित किया गया।
ऑल इंडिया एल्युमनाई एसोसिएशन का पानीपत में दूसरा हैंडलूम दिवस मनाया गया। मुख्यातिथि पंचायत एवं सहकारिता राज्यमंत्री महिपाल ढांडा और विशिष्ट अतिथि पानीपत शहर विधायक प्रमोद विज और देव गिरी एक्सपोर्ट के निदेशक अशोक गुप्ता रहे। एल्युमनाई एसोसिएशन के संरक्षक रोटेरियन बीबी पॉल, ओमप्रकाश रानोलिया, सचिव भंवर लाल मंडरवाल, राकेश जैन, वारिस खान ने अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रधान ने कार्यक्रम की रूप रेखा बताई। अशोक गुप्ता ने आईआईएचटी एल्युमनाई एसोसिएशन का कार्यक्रम करने की सराहना की। संरक्षण बीबी पॉल हैंडलूम उद्योग की योजनाओं और कार्यों के बारे में जानकारी दी।
विधायक प्रमोद विज ने कहा कि वे खुद हैंडलूम उद्योग से जुड़े हुए हैं। इस उद्योग में अपार संभावनाएं हैं। व्यक्ति कम पूंजी से भी इस काम को शुरू कर सकता है। उन्होंने कहा कि जो उत्पाद हैंडलूम पर बुना जा सकता है, वह किसी भी मशीन पर नहीं बुना जा सकता। निर्यात में भी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। हैंडलूम उद्योग से ही आज पानीपत दुनिया के मानचित्र अपना नाम लिख चुका है। यह उद्योग देश के कई प्रदेशों में चल रहा है।
मुख्यातिथि महिपाल ढांडा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैंडलूम उद्योग को बहुत सी नई योजनाएं दी हैं। गांधी जयंती पर हैंडलूम और खादी के उत्पादों की बिक्री पर विशेष छूट दी जाती है। यहां के उद्यमियों ने अपनी मेहनत से उद्योग धंधे कायम किए हैं। इसको लेकर सब बधाई के पात्र हैं। इस अवसर पर उद्यमी रामनिवास गुप्ता, ललित गोयल, सुरेश तायल, सतीश गोयल, विनोद धमीजा, रमेश वर्मा, राधा श्याम गुप्ता, श्रीभगवान अग्रवाल, सुरेश गर्ग, कपिल जैन, वीरेंद्र जैन, पवन गुप्ता, राजेश जैन, अनिल मित्तल, जितेंद्र गुलिया व डॉ. अनिल गुप्ता मौजूद रहे।