पानीपत। शहर में नगर निगम की दुकानों पर 20 साल से ज्यादा काबिज दुकानदारों को अब मालिकाना हक मिलने जा रहा है। सरकार के आदेश पर निगम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। अब तक निगम योजना के तहत 13 दुकानों के डिमांड ड्रॉफ्ट भी बना चुका है। वहीं, इस माह अन्य 20 से ज्यादा दुकानों के डिमांड ड्रॉफ्ट बनाकर इन सभी की रिजिस्टरियां करवाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इसके लिए योजना अनुसार दुकानदारों को सर्कल रेट का भुगतान करना होगा, जिसमें जो जितने साल से दुकान को किराए या लीज पर लिए हुए हैं, वह उतने प्रतिशत कम सर्कल रेट का भुगतान कर अपने नाम रजिस्टरी करवा सकता है।
शहर में निगम की ऐसी करीब दो सौ से अधिक दुकानें हैं, जिन पर लोग 20 साल से ज्यादा किराए या लीज लेकर काबिज हैं। ये दुकानदार इन दुकानों को किराया भी निगम में जमा करवा रहे हैं। प्रॉपर्टी टैक्स से लेकर सीवर-पानी का बिल भी अदा कर रहे हैं। 2018 में मुख्यमंत्री ने ऐसे दुकानदारों को इनका मालिकाना हक देने की घोषणा की थी, जिसके बाद निगम अधिकारियों ने इनकी पैमाइश करवाई, नक्शे लिए, दुकानदारों के दस्तावेज भी लिए, लेकिन योजना अटक गई। एक बार फिर इन दुकानदारों को योजना के अनुरूप मालिकाना हक देने की तैयारी की जा रही है।
नगर निगम की जिन दुकानों पर दुकानदार 20 साल से ज्यादा से काबिज हैं। ये दुकानें लोधी मार्केट, कमेटी मार्केट, पचरंगा बाजार, पालिका बाजार, हाली पार्क मार्केट में हैं। ये दुकानें 12 से लेकर 50 गज तक हैं। सरकार ने इन दुकानों के सर्कल रेट इस हिसाब से निर्धारित किए हैं कि जो दुकानदार 20 साल से ज्यादा जितने साल काबिज है, उसका सर्कल रेट उतने प्रतिशत ही कम लगेगा।
इनमें 20 से 25 साल वाले दुकानदारों को 80 प्रतिशत सर्कल रेट देना होगा। 25 से 30 साल वाले दुकानदारों को 75 प्रतिशत, 30 से 35 साल वाले दुकानदारों को 70 प्रतिशत, 40 से 45 साल वाले दुकानदारों को 65 प्रतिशत, 45 से 50 साल वाले दुकानदारों को 60 प्रतिशत और 50 साल से ज्यादा वाले दुकानदारों को केवल 50 प्रतिशत सर्कल रेट देना होगा।
इसके लिए दुकानदारों को अलॉटमेंट लेटर, ट्रांसफर लेटर, रजिस्टर्ड एग्रीमेंट, टैक्स के भुगतान की रसीद, बिजली-पानी-सीवर के बिल देने होंगे। दुकान की रजिस्टरी के लिए निगम कार्यालय या निकाय के पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है।
दे रहे मालिकाना हक : आयुक्त
मालिकाना हक देने के लिए अब तक 13 दुकानदारों के डिमांड ड्रॉफ्ट बनवाए जा चुके हैं। आठ के डिमांड ड्रॉफ्ट पहले और पांच के वीरवार को बनवाए गए हैं। अन्य दुकानदारों के भी डिमांड ड्रॉफ्ट इसी माह बनवाए जाएंगे, ताकि उन्हें दुकानों का मालिकाना हक मिल सके।
- राहुल नरवाल, आयुक्त।