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मदद के लिए छटपटाते रहे हाथ और वे तालाब में समाते चले गए

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गांव गढ़ सरनाई में तीनों किशोर दोस्त हितेश, अभिषेक और नवीन अपने चौथे साथी अवनीश के साथ तालाब किनारे खेल रहे थे। सभी उत्साहित थे और खेलते-खेलते जब उन्हें गर्मी सताने लगी तो पसीने से तरबतर दोस्तों ने तालाब में नहाने का मन बनाया मगर उन्हें क्या मालूम था उनका यह फैसला उनकी जान पर बन आएगा, आखिरकार यही हुआ।
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प्रत्यक्षदर्शी साथी 13 वर्षीय अवनीश ने इस दर्दनाक घटना की आंखों देखी दास्तान घर में जाकर अपने परिजनों को बताई, वो रौंगटे खड़े करने वाली थी। बकौल अवनीश, वह अपने चचेरे भाई हितेेश उर्फ सीटू के साथ तालाब में नहाने गया था। यहां पर पहले से ही अभिषेक (16) व नवीन (14) मौजूद थे। खेलने के बाद सभी ने तालाब में नहाने की इच्छा जताई और वे तालाब में उतर गए। अभिषेक, नवीन व हितेश तालाब में नहाते वक्त थोड़ी दूर चले गए मगर वह तालाब के किनारे खड़ा उन्हें देखता रहा। देखते ही देखते तीनों गहरे पानी में चले गए। तीनों तैरना नहीं जानते थेे। पहले एक दोस्त पानी में लड़खड़ाने लगा, तो दूसरे ने उसे संभालने की कोशिश की। इतने में दूसरा भी संभल नहीं पाया तो तीसरे ने उसे बचाने का प्रयास किया मगर तीनों दोस्त तालाब में समाने लगे।
यह मंजर देख वह कुछ समझ नहीं पा रहा था कि अब क्या किया जाए। देखते ही देखते तीनों दोस्त डूबते चले गए और उनके हाथ पानी के ऊपर झटपटाने लगे। वह समझ गया था कि तीनों डूब रहे हैं और हाथों के इशारों से मदद मांग रहे हैं, लेकिन वह भी तैरना नहीं जानता था, लिहाजा उनकी कोई मदद नहीं कर पाया। इस पर घबराया अवनीश तुरंत तालाब से बाहर आ गया और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया।
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शोर सुनकर वहां खेत में काम रहा किसान राजेश मौके पहुंच गया और उसने अपने मजदूर साथियों के साथ किशोरों को बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी। उधर, अवनीश दौड़ कर अपने घर गया और परिजनों को पूरी घटना बताई। पता चलते ही परिजन तालाब पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों के शवों को थोड़ी देर बाद ढूंढ लिया गया। उसके बाद तीनों को एक निजी अस्पताल में भिजवाया, जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार उनके बच्चों को तैरना नहीं आता था और वे कभी तालाब की ओर नहीं जाते थे। वे पहली बार ही तालाब में गए और फिर कभी लौटकर नहीं आए।
हितेष परिवार में इकलौता बेटा था। उससे छोटी उसकी बहन हितिका है। पिता दिलबाग पलंबर हैं। हितेष व नवीन नौवीं कक्षा के छात्र थे। नवीन के पिता भी पलंबर है। नवीन तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा था। छोटा भाई तंशु व एक बहन है। अभिषेक के पिता ऑटो चालक हैं। ये तीन बहन भाइयों में सबसे बड़ा था। छोटी बहन सोनम व भाई हर्ष है।
सूचना मिलने पर एएसपी विजय सिंह व सेक्टर 13-17 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। यहां परिजनों ने पुलिस से पोस्टमार्टम करवाने के लिए इनकार कर दिया। एएसपी विजय कुमार परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए मनाते रहे, ग्रामीणों ने यहां पुलिस के सामने हाथ जोड़कर पोस्टमार्टम न कराने की अपील की। एएसपी विजय ने बताया कि परिजनों ने इस संबंध में पुलिस को लिखकर भी दे दिया है। इस पर एसपी महोदय की सलाह के बाद पुलिस ने शवों को वारिसों के हवाले कर दिया। बुधवार को तीनों दोस्तों के शवों का अंतिम संस्कार होगा।
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