पानीपत। मौसम में हुए बदलाव के बाद भी बिजली की खपत घटने की बजाय बढ़ने लगी हैं। बिजली की जिले में रोजाना की खपत 1.40 करोड़ यूनिट दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल की बात करें तो ये खपत 1.05 करोड़ यूनिट थी। इस समय शहर में सबसे ज्यादा औद्योगिक एरिया में 53.36 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। वहीं, शहरी एरिया में 40.07 लाख यूनिट, खेतों में 25.84 लाख और ग्रामीण एरिया में 21.63 लाख यूनिट खर्च हो रही है।
बढ़ती खपत के साथ बिजली के ट्रांसफार्मर भी ओवरलोड हो चुके हैं। जिससे शहर में रोजाना अघोषित बिजली कट लग रहे हैं। कभी ट्रांसफार्मर फेल हो जाता तो कभी केबलों में ब्लॉस्ट हो रहे हैं। इसकी वजह से बिजली निगम के अधिकारियों को अपने ट्रांसफार्मर तक ठंडे रखने के लिए उनपर कूलर तक लगाने पड़ रहे हैं। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि बढ़ते लोड की वजह से वे सब स्टेशन से लेकर फीडरों की मरम्मत का काम लगातार जारी रखे हुए हैं। लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को नोटिस तक जारी किए जाते हैं। बावजूद फिर भी अघोषित कटों की वजह से निगम अधिकारियों से लेकर आम लोगों को भी परेशानी होती है। इसलिए इसका केवल एक ही समाधान है कि शहर के लोग बिजली बचाएं।
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सप्लाई पूरी लेकिन किल्लत बरकरार
बिजली निगम के अधिकारियों का दावा है कि वे पावर हाउस से शहर को 23 घंटे 48 मिनट की सप्लाई देते हैं लेकिन ओवरलोड और हीट की वजह से कई बार सब स्टेशन और फीडरों की सप्लाई को काट दिया जाता है। शहर में सबसे ज्यादा ओवलोड वाले एरिया में तहसील कैंप एरिया, कच्चा कैंप, सनौली रोड, गोहाना रोड, अनाज मंडी-विकास नगर, माॅडल टाउन से लगता एरिया, सेक्टर 6,7 और 11-12 से आते हैं यहां बिजली की खपत भी ज्यादा होती है जिससे कट भी ज्यादा लगते हैं।
बचाएं बिजली- एक्सईएन
बिजली निगम के एक्सईएन विशाल गोयत ने शहर वासियों से बिजली को बचाने की अपील की है। निगम अधिकारियों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे रोजमर्रा के कामों में भी बिजली की खपत को कम कर सकते हैं। एसी को 24 डिग्री सेल्सियस पर चलाने से लेकर वॉशिंग मशीन के ड्रायर की बजाए कपड़ों को सुखाने के लिए सूर्य की किरणों का सहारा ले सकते हैं।