पानीपत। माता-पिता और परिवार की पसंद से हटकर अपने मन से प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों के भी दिल टूट रहे हैं। उनकी खुद की पसंद भी अब रास नहीं आ रही। घरेलू कलह के चलते वह अपनी शिकायत लेकर महिला संरक्षण और बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता के पास पहुंच रही है और इंसाफ की गुहार लगा रही हैं।
पानीपत में एक साल में घरेलू हिंसा के 406 मामले सामने आए हैं। इनमें से पांच प्रतिशत मामले प्रेम विवाह के हैं। कुछ मामलों में सालभर के अंदर रिश्तों में दरार आ रही है। प्रेम विवाह के बाद किसी को शराबी पति मिला तो किसी को मजदूर मिला, जिनसे उनके शौक पूरे नहीं हुए और घरेलू कलह होती चली गई। कुछ रिश्तों में तलाक तक की नौबत आ गई। महिलाओं ने कोर्ट का सहारा लिया है।
केस नंबर-1
पड़ोसी युवक से किया प्रेम विवाह
पानीपत के एक गांव की 20 वर्षीय युवती ने अपने पड़ोसी दो साल छोटे नाबालिग से प्रेम विवाह किया था। दोनों एक ही परिवार और एक ही जाति के संबंध रखते हैं। उन्होंने पंचकूला में वर्ष 2021 में शादी की थी। दोनों किराये पर रहने लगे, लेकिन बाद में रुपये समाप्त होने पर झगड़े होने लगे। अब उसी युवती ने युवक के खिलाफ घरेलू हिंसा की याचिका कोर्ट में डाली है।
केस नंबर-2
महिला टीचर का छोटे से प्रेम विवाह-
पानीपत की रहने वाली एक महिला टीचर ने 38 वर्ष की आयु में अपने से आठ साल छोटे युवक से प्रेम विवाह किया था। उन्हें 10 साल तक कोई बच्चा नहीं है। शादी के बाद पति नशे का अधिक सेवन करने लगा। उसके साथ गालीगलौज करने गला। महिला टीचर को बाद में पति के परिवार ने भी स्वीकार नहीं किया, तो वह तीन माह पहले किराए पर रहने लगे। इसके बाद पति छोड़कर चला गया। जिसके बाद महिला ने अपना सम्मान पाने के लिए कोर्ट का सहारा लिया और अपनी याचिका लगाई। जिस मामले में अधिकारी रजनी गुप्ता ने दोनों पक्षों को बुलाया, फिलहाल वह साथ रह रहे है। पति ने आश्वासन दिया है कि वह शराब नहीं पीएगा।
इस वर्ष इतने घरेलू हिंसा के मामले
वर्ष मामले समझौता
2020-21 207 39
2021-22 314 60
2022-23 406 56
2022-23 में किस माह कितने मामले आए सामने-
माह मामले समझौता
अप्रैल 46 2
मई 72 4
जून 27 5
जुलाई 31 7
अगस्त 32 8
सितंबर 34 5
अक्तूबर 34 3
नवंबर 23 2
दिसंबर 22 3
जनवरी 34 11
फरवरी 27 5
मार्च 24 1
वर्जन :
वर्तमान समय में प्रेम विवाह में भी घरेलू झगड़े के मामले सामने आ रहे है। जिनमें कुछ मामले उनके पास कोर्ट के माध्यम से आ रहे है तो कुछ शिकायतें उनके पास सीधी आ रही है, जिनमें अधिकतर मामलों में वह आपसी समझौता कराने का प्रयास करती है, लेकिन काउंसिलिंग के बाद भी कोई सुधरता है तो फिर वह आगामी कार्रवाई अमल में लाती है।
रजनी गुप्ता, महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी।