पानीपत। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने मंगलवार शाम चार बजे से लेकर साढ़े छह बजे तक सचिवालय में निगम अधिकारियों और स्थानीय नेताओं के साथ समीक्षा बैठक की। इससे पहले मंत्री स्काई लार्क में रुके और नेेताओं के साथ निगम के मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि इस बैठक में दोनों विधायक और निगम अधिकारियों के अलावा केवल मेयर को आमंत्रित किया गया था लेकिन मेयर के शहर से बाहर होने के कारण आयुक्त ने सीनियर डिप्टी मेयर को आमंत्रित किया। बैठक में मंत्री ने 161 करोड़ के बजट के बारे में पूछा, जिसे निगम अधिकारी खर्च नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि ये आपकी काबिलियत पर सवाल है। हालांकि इस दौरान अधिकारियों ने ये नहीं बताया कि निगम के ऊपर कितनी देनदारी बाकी है।
मंत्री ने कहा कि वे 22 जिलों की 88 यूएलबी का भ्रमण कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें डेढ़ महीने का समय लगेगा। अब तक वे 18 जिलों के 80 निकायों में घूम चुके हैं। पानीपत उनका 19 वां जिला है। अब सिर्फ फरीदाबाद, पलवल और नूंह बाकी हैं। इनमें 8 यूएलबी बचती हैं। जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए मंत्री ने कहा कि अब कोई भी शहरवासी अपनी समस्या या डिमांड नगर दर्शन पोर्टल पर डाल सकता है। इसके लिए किसी भी प्रकार के कागज की जरूरत नहीं है। इस पोर्टल को रोजाना वे खुद और सीएम मनोहर लाल भी चेक करते हैं। इसमें सभी समस्याएं और डिमांड ऑनलाइन दर्ज होती है। इसी के स्वरूप वे अब तक सोनीपत और अंबाला के एक एक कर्मचारी को सस्पेंड भी कर चुके हैं। प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी को लेकर मंत्री ने कहा कि पहले 2013 तक प्रदेश से 75 करोड़ की रिकवरी होती थी। 2022 तक 415 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई। अब इस रिकवरी को एक हजार करोड़ तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है।
मंत्री ने कहा कि शहर की सफाई की जिम्मेदारी निगम की है। अधिकारियों से पूूरा रिकॉर्ड लिया गया है। विशेष तौर पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की शिकायत ज्यादा मिल रही है। जिस पर ध्यान देने की जरूरत है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एजेंसिंयों से मैनपावर और मशीनरी का पूरा ब्योरा लें।