पानीपत। टीडीआई के 93 वर्षीय हरदयाल सरदाना ने जीते जी समाज सेवा की और मरणोपरांत भी अपने नेत्र दान कर दो लोगों को रोशनी दे गए। परिवार की आपसी सहमति से उनकी पत्नी सुनीता सरदाना, पुत्र प्रवीण सरदाना और बेटियों ने अर्पण अस्पताल में उनके नेत्र दान किए। डॉ. पांडे और डाॅ. सरगम के द्वारा जन सेवा दल के सहयोग से नेत्रों का दान किया गया। जन सेवा दल के सदस्य चमन लाल गुलाटी ने बताया कि इस कलयुग के समय में जीते जी तन मन से समाज सेवा करना और करने के बाद आंखें दान करना इनसे बड़ा कोई पुण्य का कार्य नहीं हो सकता। हरदयाल सरदाना एक मिसाल बन गए है। अब उनकी आंखें अंधेरी जिंदगी को रोशन करते हुए इस संसार को देख पाएंगी। उनके पुत्र और उनकी बेटियों ने आंखें दान करने का महान कार्य किया है। संवाद