पानीपत। एच-3, एन-2 इन्फ्लूएंजा वायरस का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोग कई कई दिनों से बुखार व खांसी से जूझ रहे हैं। ये इस वायरस का मुख्य लक्षण भी है। सिविल अस्पताल में हर रोज बुखार, खांसी व जुकाम की ओपीडी लगभग 400 पहुंच चुकी है। जिले के 130 अस्पतालों में बुखार संबंधी ओपीडी चार हजार से अधिक हैं। डॉक्टर लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लेने की हिदायतें दे रहे हैं। सिविल अस्पातल में अब तक इस वायरस के सैंपल की जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अगर कोई इसका रोगी मिलता है तो उसे जांच के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया जाएगा। खानपुर मेडिकल कॉलेज में भी सैंपल लेने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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आज जारी हो सकती है एडवायजरी
मुख्यालय की ओर से एच-3, एन-2 इन्फ्लूएंजा वायरस को लेकर कोई एडवायजरी जारी नहीं की है। इसलिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारी अपनी मनमर्जी मुताबिक इसके लिए कोई तैयारी नहीं कर सकते। वायरस से निपटने के लिए कब तक फ्यू वार्ड बनेंगे। रोगियों की जांच कहां और कैसे होगी। इसके खिलाफ जागरूक करने के लिए कब से अभियान चलाए जाएंगे। इस संबंध में मुख्यालय सोमवार को एडवायजरी जारी करेगा।
संदिग्ध रोगियों पर नजर- डॉ. सुनील
इस वायरस के संदिग्ध रोगियों पर नजर बनाए हुए हैं। अलग से वार्ड बनाने पर चर्चा की जा रही है। बुखार व खांसी की ओपीडी बहुत अधिक बढ़ी है। मुख्यालय से एडवायजरी जारी होते ही उसी अनुरूप काम किए जाएंगे।
डॉ. सुनील संदूजा, डिप्टी सिविल सर्जन