माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। वार्ड नबंर 23 के पुराना औद्योगिक क्षेत्र में राशन डिपो संचालक की मनमानी सामने आई है। सरकार की ओर से गरीबों को दिया जाने वाला राशन खुलेआम बोरों में सड़ रहा है। कार्ड धारकों ने मंगलवार को राशन की दुकान पर पहुंच कर प्रदर्शन किया। मौके पार्षद ने भी डिपो संचालक के गलत व्यवहार और अनियमितताओं की हामी भरी।
उन्होंने कहा कि पहले भी उनके पास डिपो संचालक की शिकायतें आती रही हैं। यहां अनाज गरीबों को मिलने की बजाए सड़कों पर सड़ा मिलता है। ये सब अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। ऐसे अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए और डिपो होल्डर का डिपो बंद करवाकर इसी सप्लाई दूसरे डिपो होल्डर को देनी चाहिए।
वार्ड 23 के पुराना औद्योगिक क्षेत्र निवासी उर्मिला, पूनम, ननकपाल, अंकित आदि ने बताया कि राशन डिपो संचालक सभी से बदतमीजी से बात करता है। वह महिलाओं से भी बदतमीजी करता है। उनका अंगूठा तो लगवा लिया जाता है लेकिन उन्हें राशन नहीं दिया जाता। कभी घर के किसी सदस्य को बुलाने की मांग करता है तो कभी किसी को।
सरकार उनके नाम का राशन तो भेजती है लेकिन वह राशन उन्हें मिल नहीं पाता। उन्होंने डिपो पर राशन की धांधली करने तक के आरोप डिपो होल्डर पर लगाए हैं। लोगों ने कहा कि उन्हें तो राशन मिल नहीं पता। नतीजन ये राशन बोरों में पड़ा-पड़ा खराब हो जाता है, जिसे बाहर फेंक दिया जाता है।
अधिकारियों की मिलीभगत : अश्वनी धींगड़ा
वार्ड नंबर 23 के पार्षद अश्वनी धींगड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि हे सब अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। गरीबों को राशन मिलने की बजाए ये बोरों में सड़ रहा है। लोगों से बदतमीजी से बात की जाती है। ऐसे अधिकारियों और डिपो होल्डर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पूरे मामले की रिपोर्ट सरकार और उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।
चार साल पहले का है राशन : कन्हैया कुमार
डिपो होल्डर एसोसिएशन के प्रधान कन्हैया कुमार का कहना है कि केंद्र सरकार ने चार साल पहले प्रवासियों के लिए चना भेजा था। जो आज तक डिपो होल्डरों के पास रख है। इसका रिकॉर्ड अधिकारियों से लेकर सरकार के पास भी है। ये चना आज तक वापस नहीं लिया गया। दूसरी ओर 15 जनवरी तक डिपो होल्डरों की हड़ताल भी है। इसलिए राशन नहीं दिया जा रहा गै।
मामला गंभीर है। अगर ऐसा है तो इसकी गहनता से जांच करवाई जाएगी। अगर आरोप सही साबित हुए तो डिपो होल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आदित्य कौशिक, डीएफएससी।