फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: टैक्सटाइल फैक्टरी में लगी आग से जला करोड़ों का सामान

विज्ञापन
विज्ञापन
सेक्टर 25 स्थित फैक्ट्री में पहुंचकर विभाग की करीब 20 गाड़ियों ने चार घंटे में पाया आग पर काबू,
विज्ञापन

प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप, न समय पर पहुंचीं दमकल की गाड़ियां, न उनमें भरा था पर्याप्त पानी
एसपी, एसडीएम, डीएसपी, चैंबर ऑफ कामर्स के चेयरमैन ने किया मौके का निरीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। सेक्टर 25 पार्ट-2 के प्लाट नंबर 48 की आदर्श हैंडलूम फैक्टरी में बुधवार दोपहर करीब दो बजे शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची दमकल विभाग की करीब 20 गाड़ियों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। हालांकि आग से जानमाल का नुकसान नहीं है लेकिन करोड़ों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एसपी अजीत सिंह शेखावत, एसडीएम मनदीप समेत डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी और चेंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन विनोद धमीजा मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अलावा चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन विनोद धमीजा ने आग को बुझाने में समय लगाने का आरोप दमकल विभाग पर लगाया है। उनका आरोप है कि दमकल विभाग की गाड़ियां काफी देर से पहुंची। उनमें पानी भी पूरा नहीं था, जिससे विभाग के कर्मचारी आग पर पानी की बौछारें तक नहीं मार पा रहे थे। इससे पहले भी औद्योगिक क्षेत्र में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी है पर अभी तक दमकल विभाग आधुनिक सुविधाओं से वंचित है। फैक्टरी के श्रमिकों ने बताया कि यह फैक्टरी वासू अरोड़ा की है। बुधवार करीब दो बजे फैक्टरी में लंच टाइम था। उसी दौरान आग लग गई। इसकी सूचना लगते ही फैक्ट्री समेत आसपास के श्रमिक फैक्टरी में पहुंच गए और नीचे रखा काफी तैयार माल उठाकर बाहर रखवा लिया गया। धीरे धीरे आग दो मंजिला इमारत को घेरती गई। तब तक दमकल विभाग की टीम नहीं पहुंची थी। इसके बाद आग ने दूसरी मंजिल के गोदाम को अपनी गिरफ्त में ले लिया और वहां रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। हालांकि शाम करीब छह बजे तक फैक्टरी के अंदर किसी मजदूर के होने की सूचना नहीं मिली। अब आग की तपन के ठंडा होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि इस आग से फैक्टरी को कितना नुकसान हुआ है।
विज्ञापन

वर्जन


दो बजे आग की सूचना मिली थी। इसके तुंरत बाद सेक्टर 25 के दमकल केंद्र में सूचना भेजकर गाडियों को आग बुझाने के लिए रवाना कर दिया। इसके बाद पानीपत के सभी केंद्रों समेत समालखा, रिफाइनरी, थर्मल, एनएफएल समेत करनाल और सोनीपत की गाड़ियों को भी मदद के लिए कहा गया है। अब तक करीब 15 गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया था। अगर फैक्टरी में मौके पर फायर हाईड्रेंट सिस्टम होता तो आग पर जल्दी काबू पा लिया जा सकता था क्योंकि गाड़ियों को पानी भरकर लाने में भी समय लगता है।
अमित, अधिकारी, दमकल विभाग।




दमकल विभाग की सारी कमी : धमीजा
आग लगने की सूचना दमकल विभाग को तुंरत दे दी थी लेकिन गाड़ी डेढ़ घंटे देरी से पहुंची हैं। हमने डीसी को भी फोन किया था। जवाब मिला कि यहां दस गाड़ियां खड़ी हैं जबकि गाड़ी एक ही खड़ी थी। दमकल विभाग केंद्र पर आदमी भेजा गया लेकिन जवाब मिला कि उनके पास ड्राइवर दो ही हैं। इस बीच दमकल विभाग की गाड़ी आई नहीं लेकिन आग बढ़ती चली गई और फैक्टरी में दूसरी मंजिल पर रखा माल जलकर राख हो गया। दूसरी मंजिल पर लगा शेड भी तबाह हो गया। आरसीसी के बीम में भी क्रेक आ गए हैं। दमकल विभाग के कर्मचारी आग की लोकेशन तक का पता नहीं कर सके। जहां आग लगी थी दमकल कर्मी वहां पर पानी की बौछारें मार ही नहीं पा रहे थे। पानी की बौछारें भी सही नहीं लगी तो आग कैसे बुझती।
विनोद धमीजा, चेयरमैन, चैंबर ऑफ काॅमर्स।


फैक्टरी में भयंकर आग लगी थी। जिस पर काबू पा लिया गया है। फैक्टरी से सभी श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया था। हादसे में किसी की जान से संबंधित हानि नहीं हुई है।
विज्ञापन

सुरेश सैनी, डीएसपी, ट्रैफिक।

आग से जान की हानि नहीं हुई है, कोई घायल भी नहीं हुआ है लेकिन माल का नुकसान हुआ है। सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। फैक्टरी मालिक और कर्मचारियों का कहना है कि फैक्ट्री में लिफ्ट के पास कोई शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी थी। जिस पर दमकल विभाग ने अपने प्रयासों से काबू पा लिया है।
मनदीप सिंह, एसडीएम, पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें