पानीपत। कथावाचक देवी चित्रलेखा ने कहा कि मौजूदा दौर में इंसान भगवान का भी बंटवारा करने में लगा है। यह स्थित बहुत ही खतरनाक है। लाेगों को इन सबसे ऊपर उठना होगा। भगवान एक है और सबको उनका स्मरण करना चाहिए।
उन्होंने ये शब्द प्राचीन श्री देवी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को कहे। कथा श्री राधा-कृष्णा परिवार सेवा समिति द्वारा 13वें वार्षिकोत्सव पर कराई जा रही है। मुख्यातिथि समाजसेवी सुरेंद्र रेवड़ी और पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी रहीं। मुख्य यजमान महावीर बंसल रहे।
देवी चित्रलेखा ने कहा कि कथा इसलिए नहीं है कि जीवन परिवर्तित हो जाए। ये कथा सिर्फ प्रभु के आनंद को जीने के लिए है। आ जाओ कथा में और जब बैठो तब छोड़ दो प्रभु पर सब कुछ। चिंता इतनी करो की काम हो जाए, पर इतनी भी नहीं की जिंदगी तमाम हो जाए। मस्त रहिये, हरिनाम में व्यस्त रहिये।
उन्होंने भागवत कथा में भगवान के अवतारों के बारे में विस्तार से बताया। देवी चित्रलेखा ने लोगों को गोमाता की रक्षा करने का मूल मंत्र दिया और युवाओं को प्रेरणा दी कि उनको गोमाता की रक्षा के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को भी खेती में विषैले उर्वरकों की जगह गोमाता के गोबर से बनी खाद का उपयोग करना होगा। इस मौके पर रमेश जांगडा, श्रीनिवास वत्स, संजय सिंह, अंकित गोयल, सुभाष कंसल, बबलू राणा, प्रदीप झा व सुनील शर्मा मौजूद रहे।