पानीपत। शहर में जिन लोगों के खाली प्लाटों में कूड़ा पड़ा है, उनके लिए नगर निगम ने एक बार फिर से चेतावनी जारी की है। ऐसे प्लाट मालिकों को नगर निगम ने एक सप्ताह का समय दिया है, जिसमें मालिकों को अपने खाली प्लाॅटों से कूड़ा भी उठवाना होगा और उनकी चहारदीवारी भी करवानी होगी ताकि लोग खाली प्लाॅटों में कूड़ा न डाल पाएं। वरना इसे नगर निगम के अधिनियम 1994 की धारा 273, 274 समेत ठोस कूड़ा प्रबंधन नियम 2016 का उल्लघंन माना जाएगा और इसके तहत प्लॉट मालिक पर कार्रवाई भी होगी।
नगर निगम ने माना है कि खाली पड़े प्लाॅटों में सबसे ज्यादा कूड़ा डाला जाता है, जिससे वातावरण तो दूषित होता है। साथ में वे एनजीटी के नियमों की अवहेलना भी है। शहर की स्वच्छता रैंकिंग में भी कूड़े से भरे हुए प्लाट बाधा बनते हैं। खाली प्लाटों में चहारदीवारी न होने से इनमें डाला गया कूड़ा हवा के साथ उड़कर गलियों और नालियों में फंस जाता है, जिससे निकासी भी बाधित होती है। नतीजन शहर के सीवर और नालियों में गाद जमने लगी है। इसे लेकर नगर निगम शहर का सर्वे भी करवा रहा है। इसमें ऐसे प्लाटों को चिह्नित किया जा रहा है, जो कूड़े करकट और गंदगी से अटे पड़े हैं और जिनकी चहारदीवारी तक नहीं है।
नगर निगम के सफाई निरीक्षक जितेंद्र नरवाल ने बताया कि सबसे पहले ऐसे प्लाट मालिकों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद प्लाट मालिक पर निगम के नियमों के अनुसार जुर्माना भी लगाया जाएगा। जुर्माना न भरने की सूरत में उसकी संपत्ति कर में कूड़ा उठाने का शुल्क जोड़ दिया जाएगा। दो या तीन नोटिस के बाद भी नियमों का उल्लंघन किया तो निगम कानूनी कार्रवाई भी करेगा।