फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: पूर्व विधायक रोहिता ने भाजपा का दामन छोड़ थामा कांग्रेस का हाथ

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। शहर की पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी ने भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। परिवार और समर्थकों के साथ मंगलवार की सुबह वे रोहतक में कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं, जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने पटका पहनाकर उनका स्वागत किया। इससे पहले सोमवार की रात को ही पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उन्हें मनाने का प्रयास किया था लेकिन उनकी नाराजगी दूर नहीं हुई। वह 2019 में टिकट कटने के बाद से हीं नाराज चल रही थीं।
विज्ञापन


पानीपत की पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी ने मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष नायब सिंह सैनी को अपना इस्तीफा भेज दिया। इसमें उन्होंने लिखा है कि वह निजी कारणों के चलते भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रही हैं। इसकी एक कॉपी जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट को भी भेजा है।

जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने बताया कि उनको मंगलवार सुबह व्हाट्सएप पर रोहित का इस्तीफा मिला है। उनके इस्तीफे के बारे पार्टी आलाकमान को अवगत करा दिया है। रोहिता रेवड़ी के इस्तीफे से लोकसभा व विधानसभा चुनाव में भाजपा पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इस समय पूरा प्रदेश व देश राममय बना हुआ है। हर कोई मोदी को प्रधानमंत्री देखना चाहता है।
विज्ञापन





हैदराबादी बिरादरी के हैं 15 से 16 हजार वोट

पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी यार्न व्यापारी हैं और लंबे समय तक यार्न डीलर एसोसिएशन की कमान संभाली है। वे समाजसेवा में भी आगे रहते हैं। रेवाड़ी हैदराबादी बिरादरी से संबंध रखती हैं। पानीपत शहर में हैदराबादी बिरादरी के 15 से 16 हजार मतदाता हैं। पूरी बिरादरी राजनीतिक मामलों में एकजुट रहती है। अब देखना है कि लोकसभा चुनाव में रोहिता रेवड़ी के कांग्रेस में जाने से क्या फर्क पड़ता है।




2013 में निगम पार्षद और 2014 में बनीं विधायक

शहर की राजनीति में सुरेंद्र रेवड़ी सक्रिय रहते हैं, लेकिन उन्होंने खुद की बजाय पत्नी रोहिता को चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया। रोहिता रेवड़ी ने 2013 में वार्ड 9 से नगर निगम पार्षद का चुनाव लड़ा। वे 10400 वोटों से जीतकर सदन में पहुंची। उस वक्त निकाय में यह सबसे बड़ी जीत थी। 2014 में भाजपा ने रोहिता रेवड़ी को शहरी विधानसभा से टिकट दिया। कांग्रेस से वरिंदर सिंह बुल्ले शाह चुनाव मैदान में थे। रोहिता रेवड़ी ने शहरी विधानसभा से 92767 वोट हासिल किए, जबकि बुल्ले शाह को 39036 वोट मिले। रोहिता रेवड़ी ने 53721 वोटों से वरिंदर शाह को हरा दिया था।




मुख्यमंत्री से भी की थी रोहिता ने मुलाकात -

रोहिता रेवड़ी का 2019 में शहरी विधानसभा से टिकट काट दिया गया था। यहां से प्रमोद विज को टिकट दिया था। इसके बाद रोहिता रेवड़ी पार्टी से नाराज चल रही थीं और किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रही थीं। पिछले दिनों सरकार बदलने के बाद नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री बने तो रोहिता रेवड़ी और उनके पति सुरेंद्र रेवड़ी ने उनसे मुलाकात की थी लेकिन उनकी नाराजगी दूर नहीं हो सकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें