पानीपत। सनौली रोड पर नगर योजनाकार के एटीपी से हाथापाई करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह को अब अदालत से भी आरोप मुक्त कर दिया गया है। सरकार ने भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता 321 के तहत केस वापस ले लिया है, जिसके बाद न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत में चल रहे मामले को अब विड्रो कर दिया गया है।
सरदार भूपेंद्र सिंह एटीपी से पहले ही माफी मांग चुके थे और एटीपी भी पुलिस को शिकायत वापस लेने का शपथ पत्र दे चुके थे, लेकिन तब तक पुलिस अपना चालान कोर्ट में पेश कर चुकी थी, जिसके बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में चली। जिसके बाद चिट्ठी सरकार को लिखी गई, जिस पर सुनवाई करते हुए सरकार ने केस वापस ले लिया है।
20 फरवरी 2020 को एटीपी नवीन कुमार अपनी टीम के साथ सनौली रोड मार्बेल मार्केट के पास अतिक्रमण हटाने जा रहे थे। छौक्कर पेट्रोल पंप के पास जमा भीड़ ने उनके साथ मारपीट की। टीम को बैरंग लौटना पड़ा। चांदनीबाग थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस को मिली वीडियो में सामने आया था कि पूर्व मेयर सरदार भूपेंद्र सिंह की अगुवाई सुनील उर्फ नीटू, कवलजीत, चरणजीत, जुझार सिंह ने एटीपी की गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी अड़ाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार करते मिले। उन्होंने कार्यवाही में बाधा डाली। सरदार भूपेंद्र सिंह ने झूठे भाषण देकर मौके पर जनता को भड़काने का काम किया। पुलिस ने अपनी जांच में इन सब तथ्यों को शामिल किया था।
24 मई को शहरी विधायक एमरजेंसी में चंडीगढ़ से पानीपत लौटे थे और स्काईलार्क में एटीपी नवीन और सरदार भूपेंद्र सिंह के साथ बैठक की थी, जिसमें भूपेंद्र सिंह ने नवीन से माफी मांग ली थी। इसके बाद नवीन ने उन्हें माफ कर दिया था। बैठक में लिखित माफीनामा लिखा गया था, जिसमें दोनों ने हस्ताक्षर भी किए थे। इसके बाद एटीपी नवीन ने पुलिस को भी शिकायत वापस लेने के बारे में शपथ पत्र दिया था।