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Panipat News: संपत्ति कर फर्जीवाड़े में निगम के पूर्व कर अधीक्षक गिरफ्तार

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पानीपत। संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) में करीब दो साल पहले हुए फर्जीवाड़े में थाना शहर पुलिस ने नगर निगम के तत्कालीन कर अधीक्षक धर्मबीर को गिरफ्तार कर लिया है। उनके अलावा इस फर्जीवाड़े में संलिप्त बाकी अधिकारी और कर्मचारी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने सोमवार को पूर्व कर अधीक्षक को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
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रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से अन्य साक्ष्य जुटाने का प्रयास करेगी। पुलिस ने सीएम फ्लांइग की सिफारिश पर तत्कालीन कर अधीक्षक धर्मबीर, पूर्व जिला न्यायवादी शिवकुमार, निगम क्लर्क पवन और एक जूनियर प्रोग्रामर समेत संपत्ति मालिक महिला सावित्री के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इससे निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। मिलीभगत करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने 41 गज जमीन को 88.5 गज बना इसकी एनडीसी जारी की थी। जिस पर संपत्ति मालिक ने अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री भी करवा ली। इसके लिए आरोपी अधिकारियों ने दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति के गलत रिकॉर्ड के आधार पर एनडीसी जारी की थी। इसी पड़ताल में पुलिस ने रविवार को तत्कालीन कर अधीक्षक धर्मबीर को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल धर्मबीर के पास निगम में ही रिहायशी प्रमाण पत्र शाखा में ड्यूटी लगाई गई थी। वहीं पूर्व जिला न्यायवादी शिव कुमार सेवानिवृत हो चुके हैं। क्लर्क पवन फिलहाल निगम में कार्यरत है, लेकिन वे फरार बताए जा रहे हैं।


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पुराना केस, 15 नवंबर तक रेड, 16 को खुलासा, 22 को केस दर्ज
गौरतलब है कि मार्च से जून 2022 तक लगातार प्रॉपर्टी टैक्स में चल रही अनियमितताओं, फर्जीवाड़ों पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता करनाल की टीम ने निगम में तीन दिन तक लगातार रेड की थी। इस फर्जीवाड़े की जांच 15 नवंबर 2022 से शुरू की थी। इसके बाद 22 नवंबर 2022 को इसे लेकर निगम अधिकारियों कर्मचारियों समेत पांच पर केस दर्ज किया था। सीएम फ्लाइंग की टीम ने भ्रष्टाचार और मिलीभगत की गहनता से जांच की और पाया कि सभी ने मिलीभगत कर संपत्तियों के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की। रिकॉर्ड गलत तैयार करवाया। सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षर बगैर एनडीसी जारी करवाई गई।
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पहले ही हो चुकी थी रिपोर्ट अंकित
मामले में सामने आया कि उपरोक्त निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने पहले नायब तहसीलदार और पटवारी की मालिकाना हक क्षेत्र 41 वर्गगज की रिपोर्ट से ज्यादा 88.5 वर्गगज क्षेत्र की तैयार रिपोर्ट कराई। इसके आधार पर धोखाधड़ी से सावित्री देवी के नाम से 41 वर्गगज की जगह 88.5 वर्गगज रिहायशी क्षेत्र का अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जबकि सावित्री देवी के मालिकाना हक क्षेत्र की 41 वर्गगज जमीन के बारे में रिपोर्ट अंकित की जा चुकी थी। इस एनडीसी के आधार पर सावित्री देवी अपनी उपरोक्त संपत्ति को आगे बेचने में सफल रही।

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कई आपत्ति लगा किया था फर्जीफाड़ा
संपत्ति क्षेत्र की कटिंग पर फर्जी लघु हस्ताक्षर भी किए गए। जांच पड़ताल के दौरान टीम ने इस संपत्ति कर के विरुद्ध 0370517657, 0370502650, 0370517780, 0370519129 ऑनलाइन ऑब्जेक्शन तक लगाए थे। इसके आधार पर जारी नो-ड्यूज सर्टिफिकेट भी अनाधिकृत मिला। जिससे निगम को विकास शुल्क का नुकसान पहुंचाना गया। इसके अलावा टीम ने निगम अधिकारियों से सभी गलत रिकॉर्ड दर्ज करवाई गई फाइलों में भी तबदीली की अपील की। नवंबर 2022 में सीएम फ्लाइंग की सिफारिश पर थाना शहर पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 120 - के तहत मामला दर्ज कर लिया था।




वर्जन:
इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर पूर्व कर अधीक्षक धर्मबीर को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से मामले को लेकर गहनता से पूछताछ करेगी और साक्ष्य जुटाएगी।
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जाकिर हुसैन, प्रभारी, थाना शहर पुलिस
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