माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम के 27 साल पुराने गलत नक्शों की वजह से वैध एरिया में होने के बावजूद भी अवैध का दंश झेल रहे कॉलोनिवासियों को अब निगम ने राहत दी है। वैध एरिया वाली वे संपत्तियां जो नई बाउंड्री लाइन में भी अवैध दिखाई दे रही हैं, उन्हें अब वैध किया जाएगा। इसके अलावा गलत नक्शों की वजह से जिन कॉलोनियों के नाम ही बदले गए थे उनको भी दुरुस्त किया जाएगा।
पार्षदों ने इस विषय पर नगर निगम आयुक्त को प्रस्ताव भेजा। सदन की बैठक में भी गुहार लगाई। इस पर आयुक्त ने नगर निगम के उप निगम आयुक्त, जिला योजनाकार, सहायक जिला योजनाकार और एक्सईएन-2 की एक कमेटी बनाई है। कमेटी इन मुद्दों पर काम कर इसे ठीक करेगी। इसमें खास तौर पर सेक्टर 12 में आने वाली संपत्तियों का अवलोकन किया जाएगा। एचएसवीपी और इससे बाहर आने वाले क्षेत्र की संपत्तियों की सही रिपोर्ट निदेशालय को भेजकर ये खामियां दुरुस्त करवाई जाएंगी।
बता दें कि जो नक्शे निगम ने पोर्टल पर अपडेट किए थे, वे 1995 के बने हुए हैं। तहसील से लेकर निगम में भी यही नक्शे हैं। इनमें कॉलोनियों का नाम से लेकर एरिया तक गलत दर्ज किया गया है। ये नक्शे फिर से एनडीसी पोर्टल पर अपलोड हुए और शहरवासियों के सामने मुसीबत का एक नया पहाड़ खड़ा हो गया। शहर में ऐसी करीब 20 से भी ज्यादा कॉलोनियां हैं जिनके निगम के पास ही नक्शे गलत हैं।
सर्वे भले ही नया हो लेकिन इसमें आधार 1995 के बनाए गए नक्शों का है, जबकि उस नक्शे में कॉलोनियों के नाम तक सही नहीं हैं। निगम ने तीसरी बार शहर का सर्वे करवाया। आज तक इस कमी को नहीं सुधारा गया। इससे शहरवासियों की रजिस्ट्रियां भी रुकी हैं, जिन एरिया में डेवलपमेंट चार्ज नहीं लगना चाहिए था, उनमें इस चार्ज को जोड़ दिया गया है।
मंथन किया तो पकड़ में आई गलती: भाटिया
पार्षद रविंद्र भाटिया ने सेक्टर 12 एरिया का अवलोकन कर शहर के इस कमी को पकड़ा। इस दौरान 1995 के गलत नक्शे ही इस गलती के जिम्मेदार साबित हुए। इसे लेकर उन्होंने निगम आयुक्त को पत्राचार भी किया। सेक्टर 12 के एरिया समेत गलत कॉलोनी के नामों पर भी चर्चा की। इस पर आयुक्त ने कमेटी बनाकर इसे दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कई अधिकारियों की कमेटी गठित की है। कमेटी जांच कर धरातल की रिपोर्ट को निदेशालय तक भेजेगी। इसके बाद इन सभी खामियों को दुरुस्त करवा दिया जाएगा। - समयपाल सिंह, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी।