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Panipat News: विदेश मेहमानों ने प्रगतिशील किसानों संग धान और गेहूं फसल चक्र पर किया मंथन

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पानीपत। कृषि विज्ञान केंद्र उझा में बुधवार को धान उत्पादन की तकनीक व वर्तमान परिदृश्य पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें डॉक्टर संतोष कुमार सिंह, वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ यूएस एमबेसी अमिलिया ग्रेटॉक अंतरराष्ट्रीय व्यापार विश्लेषक और अंतरराष्ट्रीय व्यापार विश्लेषक जेसिका ने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों के साथ चर्चा की। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य धान की उत्पादन तकनीक व वर्तमान परिदृश्य पर चर्चा करना रहा।
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इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डॉ. राजबीर गर्ग ने धान गेहूं फसल चक्र के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह फसल चक्र केवल पानीपत जिले का ही नहीं बल्कि हरियाणा राज्य का मुख्य फसल चक्र है। यहां किसान मुख्य तौर पर बासमती धान व गैर बासमती धान की खेती करते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र व कृषि विभाग द्वारा फसल विविधीकरण के लिए काफी प्रयास किया गया लेकिन फिर भी जिले के किसान धान और गेहूं फसल चक्र को ज्यादा महत्व देते हैं क्योंकि इस फसल चक्र में किसानों को आश्वासित लाभ के साथ-साथ बेचने में भी किसी तरह की कोई समस्या नहीं आती।
उन्होंने संसाधन संरक्षण तकनीकों जैसे धान की सीधी बिजाई व फसल अवशेष प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। उन्हाेंने बताया कि धान की सीधी बिजाई में न केवल पानी की बचत होती है बल्कि इसके साथ भूमिगत जल स्तर में भी बढ़ोतरी होती है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि इस तकनीक को ज्यादा से ज्यादा अपनाएं। यूएस एमबेसी से प्रतिनिधि डॉक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि कई बार धान की फसल में अंधाधुंध कीटनाशकों का स्प्रे करने से उसके अवशेष चावल में रह जाते हैं जिसकी वजह से विदेश में निर्यातित धान के खेप वापस आ जाते हैं। जिसका सीधा सीधा असर धान के भाव पर पड़ता है। उन्होंने किसानों से अपील है कि वे वैज्ञानिकों के परामर्श के आधार पर ही कीटनाशकों का प्रयोग सही मात्रा में, सही समय पर व सही कीड़े के लिए उपयोग करें। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में किसानों को समूह में खेती की तरफ बढ़ना पड़ेगा व बाजार की मांग के हिसाब से फसलों का चयन करना पड़ेगा।
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अंतरराष्ट्रीय व्यापार विश्लेषक अमिलिया ग्रेटॉक और जेसिका के बताया कि विश्व में खाद्य सुरक्षा के लिए धान की खेती का विशेष महत्व है। उन्होंने धान की खेती पर उनके विभिन्न देशों के अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसडीओ डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने विभाग की योजनाओं के बार में चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि इन स्कीमों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस दौरान डॉ. सतपाल, डॉक्टर मोहित सहल, डॉ. कुलदीप डूडी, डॉ. राजेश, डॉक्टर सुनील, डॉ. राधेश्याम गुप्ता, राजकुमार, बलविंद्र सिंह, रविंद्र राठी, संदीप त्यागी, महावीर भारद्वाज, विजेंद्र, भूतपूर्व सरपंच किरण, गोला खुर्द ने भी अपने विचार समझा किए।
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