पानीपत। नॉर्थ इंडिया के एकमात्र रेलवे स्टेशन पानीपत पर रेलवे ने प्रयोग किया। पानीपत के स्थानीय उत्पादों को अन्य राज्यों और जिलों तक पहुंचाने के लिए स्टाल लगाया। यह सफल रहा। पिछले पांच महीने से पानीपत के अचार का स्वाद देशभर के यात्री चख रहे हैं। साथ ही हैंडलूम उत्पादों को भी पहुंचाया जा रहा है।
अब राज्य के अन्य रेलवे स्टेशनों में भी स्टॉल लगाने की तैयारी रेलवे कर चुका है। पानीपत स्टेशन पर स्टॉल लगाने के दो लाभ मिले। पहला तो जिले में बनाए जा रहे उत्पादों का प्रचार हुआ, दूसरा अन्य रेलवे स्टेशनों में भी स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाने का रास्ता खुला। हर 15 दिन में जिले के एक नए स्थानीय उत्पाद के साथ ही कारोबारियों एवं व्यापरियों को स्टॉल लगाने का मौका दिया जा रहा है।
कंबल, अचार, थैलों के साथ ही चादर पानीपत रेलवे स्टेशन पर बेचे जा रहे हैं। प्लेटफार्म-दो और तीन के बीच दोनों स्टॉलों में से एक खाद्य उत्पाद व्यापारी और दूसरा हैंडलूम कारोबारी को दिया जा रहा है। यह स्टॉल 24 घंटे खुले रहते हैं। पांच महीने में लगभग 20 छोटे व्यापारियों को स्टेशन पर स्टाल लगाने का मौका मिला है।
पानीपत के बाद अब सोनीपत, गन्नौर, करनाल, कुरुक्षेत्र के साथ ही अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के मकसद से स्टॉल लगाने की तैयारी की जा रही है। पानीपत की तर्ज पर सभी रेलवे स्टेशनों पर इसे लागू करने की योजना है।
- हेमंत, सीएमआई, रेलवे