समालखा। चुलकाना धाम पर वसंत पंचमी महोत्सव पर श्रीश्याम बाबा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। समालखा से लेकर चुलकाना धाम तक भक्त हाथों में श्रीश्याम निशान उठाए पैदल पहुंचे। दिनभर जय श्रीश्याम, हारे का सहारा श्रीश्याम बाबा हमारा, तीन बाण धारी व शीश के दानी के गगन भेदी जयकारे गूंजते रहे।
श्रीश्याम बाबा के भक्तों को जहां हर वर्ष फाल्गुन उत्सव का इंतजार रहता है, वहीं भक्त वसंत पंचमी का भी बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस दिन बाबा के वस्त्रों को बदलकर ने वस्त्र पहनाए गए। परंपरा के मुताबिक बाबा के प्राचीन मंदिर में अलसुबह ही विशेष पूजा अर्चना करने के बाद श्री श्याम बाबा के वस्त्रों को बदल कर नए वस्त्र धारण करवाए गए। बाबा के उतारे गए वस्त्रों को लेने को अलसुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
वसंत पंचमी महोत्सव को खास बनाने के लिए मंदिर कमेटी द्वारा बाबा के मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। श्रीश्याम बाबा के भवन को पीले रंग के गुब्बारों से सजाया गया। मंदिर कमेटी के सदस्य असीम जैन ने बताया कि पंजाब व हरियाणा में वसंत पंचमी का पर्व विशेष रूप से मनाया जाता है। हर तरफ से बाॅर्डर सील होने के बावजूद श्रीश्याम भक्त भारी संख्या में दर्शन करने पहुंचे हैं। भक्तों को दर्शन करने में कोई असुविधा न हो इसके लिए कमेटी द्वारा इंतजाम किए गए हैं। सेवादार व स्वयं सेवक भक्तों की सेवा में लगे हुए हैं। पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। चारों ओर भंडारे लगाए गए हैं। श्रीश्याम श्रद्धालुओं की सेवा के लिए मंदिर परिसर से बाहर श्रीश्याम रसोई की तरफ से पीले चावलों का भंडारा लगाया गया।
पुजारी अजीत ने बताया कि इस दिन बाबा श्याम का विशेष रूप से अंत: वस्त्र बदलकर पीत (पीला) श्रृंगार किया जाता है। यह केसरिया रंग का वस्त्र रहता है जिसे बाबा साल भर पहने रहते हैं। इससे पहले उनके पुराने वस्त्र उतार कर भक्तों में वितरित किए जाते हैं।
विदेश से भी पहुंचे श्रद्धालु
श्रीश्याम बाबा के दर्शन करने के लिए हरियाणा दिल्ली से ही नहीं विदेशों से भी श्रीश्याम भक्त चुलकाना धाम पहुंचे। यूएसए की एनआरआई डोली भी श्री श्याम प्रभु का प्रचार सुनकर पहुंची। डोली ने बताया कि वह यूएसए में रहती है लेकिन फिलहाल वह अपनी बहन के घर पानीपत आई है। श्रीश्याम बाबा का काफी नाम सुना है तो आज दर्शन करने चली आई। वहीं दिल्ली के शहादरा में रहने वाली कनिष्का शर्मा ने बताया कि वह वकालत की विधार्थी है। पहली बार बाबा के दर्शन करने चुलकाना धाम पहुंची है। इनकी तरह हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए और उनके वस्त्र लेकर गए।