पानीपत। आईओसीएल की पानीपत रिफाइनरी में वीरवार को बॉयलर के टैंक में ब्लास्ट हो गया। जिसमें रिफाइनरी के अंतर्गत एबीई प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले एक सुपरवाइजर, दो वेल्डर व दो हेल्पर झुलस गए। सुपरवाइजर, एक वेल्डर व हेल्पर को रिफाइनरी टाउनशिप के अस्पताल में दाखिल कराया गया है, जबकि एक वेल्डर की गंभीर हालत के चलते पानीपत के निजी अस्पताल में दाखिल कराया है। हादसा बॉयलर की मरम्मत के लिए सेटअप तैयार करते समय हुआ। रिफाइनरी ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। वहीं वेल्डर के परिजनों ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि वेल्डर को बिना सुरक्षा उपकरण दिए काम कराया जा रहा था और उनका वर्ग परमिट भी नहीं लिया गया था।
रिफाइनरी में काम करने वाली एबीई कंपनी के सुपरवाइजर मनोज कुमार ने बताया कि उसकी नाइट शिफ्ट होती है। वीरवार को दिन की शिफ्ट में सोनू कुमार सुपरवाइजर के नेतृत्व में बॉयलर की मरम्मत का काम होना था। इसके लिए सेटअप किया जा रहा था। बॉयलर पर कई जगह वेल्डिंग भी होनी थी। वेल्डिंग का काम वेल्डर आशीष व संदीप को दिया था। दीपक साहनी व अजय हेल्पर थे। इस काम के लिए सेटअप तैयार किया जा रहा था। अचानक बॉयलर के टैंक में ब्लास्ट हो गया और करंट बन गया। जिससे यहां काम कर रहे पांचों लोग झुलस गए।
कुछ देर तो कुछ भी समझ नहीं आया
जोरदार धमाके के बाद किसी को कुछ समझ नहीं आया। यहां पांचों श्रमिक जमीन पर पड़े थे। हादसे की सूचना मिलते ही रिफाइनरी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सोनू, अजय, संदीप व दीपक को रिफाइनरी टाउनशिप के अस्पताल में दाखिल कराया गया। आशीष की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पानीपत रेफर कर दिया गया।
परिजनों का आरोप- बिना उपकरण दिए कराया जा रहा था काम
गांव डाहर निवासी गिरधारी सिंह ने बताया कि उसका भाई आशीष रिफाइनरी की एक कंपनी में तीन माह से काम कर रहा है। वह पेशे से वेल्डर है। हादसे में आशीष बुरी तरह से झुलस गया और बेहोश हो गया। उसकी छाती, चेहरा व टांगे पूरी तरह से झुलस गई। साथी श्रमिक उसे लेकर पानीपत निजी अस्पताल आए यहां उसे दाखिल कराया गया है। कंपनी की यहां लापरवाही सामने आई है। आशीष के साथ काम कर रहे साथी श्रमिकों ने उन्हें बताया कि आशीष को बिना सुरक्षा उपकरण दिए काम कराया जा रहा था। इसलिए इस हादसे में आशीष को इतनी चोटें आई है। इनका वर्क परमिट भी नहीं लिया गया था।
कंपनी ने मामला दबाने का किया प्रयास
रिफाइनरी की कंपनी ने पांच कर्मियों के झुलसने की सूचना को दबाने का प्रयास किया। इसकी पुलिस तक को सूचना नहीं दी गई। जबकि चार कर्मी रिफाइनरी टाउनशिप स्थित अस्पताल और एक पानीपत के एक बड़े प्राइवेट अस्पताल में उपचाराधीन है। रिफाइनरी क्षेत्र के थाना सदर पुलिस प्रभारी जगजीत सिंह ने बताया कि पुलिस को हादसे की सूचना नहीं थी। इस मामले में अस्पताल जाकर घायलों के बयान दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।