सोमवार को यहां एक्यूआई 308 प्वाइंट दर्ज किया। यह पिछली दिवाली से 115 प्वाइंट अधिक रहा। पिछले साल एक्यूआई 193 प्वाइंट दर्ज किया था। पर्यावरण विशेषज्ञों ने इसको गंभीर विषय बताया है और इसको स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होना भी बताया है। धनतेरस के दिन बूंदाबांदी होने पर पिछले एक सप्ताह से रेड जोन में चल रहा एक्यूआई कम हुआ था। 11 नवंबर को एक्यूआई 113 प्वाइंट दर्ज किया था। लोगों ने एक्यूआई कम होने पर काफी राहत महसूस की थी, लेकिन यह राहत एक दिन मुश्किल से मिल पाई।
रात 12 बजे तक धुएं से भर गया आसमान
रविवार को दिवाली के दिन शाम होते ही पटाखे चलने लगे। रात को आठ बजे पटाखों को चलाने का सिलसिला एक साथ तेज हो गया। जैसे-जैसे रात बढ़ी तो आसमान में पटाखों को शोर भी बढ़ने लगा। रात 12 बजे तक आसमान धुएं से भर गया और चारों तरफ पटाखों का शोर रहा। सोमवार सुबह पानीपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स 308 दर्ज किया गया। दिवाली से एक दिन पहले पानीपत एक्यूआई 117 प्वाइंट था। यह एक ही रात में दोगुना से भी अधिक 191 प्वाइंट बढ़ा। पिछले साल दिवाली के दिन एक्यूआई 193 दर्ज किया गया था। यह पिछले साल से भी 115 प्वाइंट अधिक रहा। 2021 में पानीपत का एक्यूआई 413 था।
लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
एक्यूआई रेड जोन में जाने से लोगों की सांसों पर फिर से संकट बढ़ गया है। खांसी और सांस के दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई। सामान्य खांसी भी खतरनाक होती जा रही है। सामान्य दवा इस खांसी में आराम भी नहीं कर पा रही है। चिकित्सकों ने बुजुर्ग और बच्चों को खुली हवा से बचाकर रखने की सलाह दी है। चिकित्सकों का मानना है कि इस मौसम में लंबे समय तक बाहर नहीं बैठना चाहिए।
प्रशासन के प्रतिबंध को ठेंगा
प्रशासन ने एक्यूआई के लगातार बिगड़ने के चलते इस बार भी दिवाली पर जिले में पटाखों की बिक्री और चलाने पर रोक लगाई थी। ग्रीन पटाखे शाम को आठ से रात 10 बजे तक चलाने की छूट थी। शनिवार रात को ही बाजार में पटाखों की बिक्री शुरू हो गई। तहसील कैंप और सनौली रोड पर सैकड़ों स्थानों पर सरेआम पटाखों की बिक्री चली। कई दुकानदारों ने सोशल मीडिया पर मैसेज भेजकर पटाखे उपलब्ध होने की जानकारी सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर दी।
असंध रोड स्थित एक कॉलोनी में दिवाली की रात को आसमान में चमकते स्काई शॉट। संवाद