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Panipat News: पुराने ढर्रे पर चल रहा है दमकल विभाग

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पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत का दमकल विभाग अपेक्षाकृत काफी कमजोर है। ऐसे में सरकार के भरोसे उद्यमियों व व्यवसाययों के प्रतिष्ठान आग की भेंट चढ़ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में एक एक्सपोर्ट हाउस समेत दो बड़े उद्योग राख हो चुके हैं। यहां थोड़ी सी तेज आग पर ही एनएफएल, थर्मल और रिफाइनरी के दमकल विभाग के सहारे होना पड़ता है। सेक्टर-25 में अति आधुनिक दमकल केंद्र भी नेताओं की फाइलों व दावों तक सिमटा हुआ है। मैदान पर अब तक कोई बड़ा काम नहीं हो पाया है।
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पानीपत में अनुमानित 20 हजार छोटे बड़े उद्योग हैं। पानीपत का वार्षिक निर्यात करीब 15 हजार करोड़ और घरेलू बाजार करीब 60 हजार करोड़ रुपये का है। औद्योगिक प्रतिष्ठानों में आग की घटना लगातार हो रही है। अधिकतर घटनाओं में शाॅर्ट सर्किट कारण मिलता है। दमकल विभाग ने उद्यमियों की मांग को देखते हुए तीन स्टेशन बना रखे हैं। यहां से गाड़ी तो समय पर पहुंच जाती है, लेकिन आग पर काबू पाने की कोई गारंटी नहीं होती। कई बार छोटी सी घटना में ही दमकल विभाग की सांसें फूलने लग जाती हैं। इन घटनाओं पर काबू पाने के लिए थर्मल, एनएफएल और रिफाइनरी के दमकल केंद्र का सहारा लिया जाता है। दमकल विभाग की बात करें तो यहां 27 बड़ी गाड़ी और दो फायर मोटरसाइकिल हैं।



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घटना नंबर-एक
बतरा कॉलोनी स्थित मिंक कंबल बनाने के एक्सपोर्ट हाउस में शुक्रवार अल सुबह आग लग गई थी। यहां 12 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। थर्मल, रिफाइनरी और एनएफएल से दो-दो गाड़ी मंगवाई गई। तब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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घटना नंबर-दो
दिवाली से एक दिन पहले असंध रोड अनेजा पेट्रोल पंप के नजदीक करियाना की एक दुकान के गोदाम में आग लग गई थी। दुकानदार ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। दमकलकर्मी बिना पानी की गाड़ी लेकर पहुंच गए। तब तक दूसरी गाड़ी पहुंची तो गोदाम में रखा काफी सामान जल गया था।

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प्रोजेक्ट की अभी डीपीआर तक नहीं
नगर निगम को सेक्टर-25 में अति आधुनिक दमकल केंद्र बनाया जाना है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद यहां दो एकड़ जमीन एचएसवीपी ने नगर निगम को ट्रांसफर कर दी है। नगर निगम को इस प्रोजेक्ट पर काम करना है। इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तक नहीं बनाई जा सकी है। इसको लेकर कंपनी के लिए टेंडर लगाया गया है। डीपीआर के बाद प्रोजेक्ट को मूर्त रूप मिलने के लिए शहरवासियों को अभी इंतजार करना पड़ेगा।

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एक मशीन को उद्घाटन का इंतजार
दमकल विभाग को हाल ही में करीब 52 लाख की कीमत की नई दमकल गाड़ी मिली है। इसमें 48 तरह की सुविधा होने का दावा किया है। आग लगने के अलावा एक्सीडेंट और किसी के डूबने पर बचाव के लिए काम आएगी। इसमें लूम लाइट की खास विशेषता है। यह ड्रोन की तरह काम करती है। इसके अलावा रेस्क्यू टेंडर, दो मंजिला सीढ़ी, इलेक्ट्रोनिक्स ग्रिल, रबर ग्लब्स, स्ट्रैचर और सेफ्टी बेल्ट समेत कई सुविधा हैं। इस गाड़ को अभी उद्घाटन का इंतजार है। दमकल विभाग में कई दिनों से गाड़ी खड़ी है।

-इस दिन यहां लगी आग
- तीन दिसंबर को रिसालू रोड स्थित टेक्सटाइल फैक्टरी में लगी आग।

- नौ अक्टूबर को काबड़ी रोड स्थित फैक्टरी में ।
- 12 सितंबर को सेक्टर 29 पार्ट टू में टेक्सटाइल फैक्टरी में लगी आग।

- 16 जून को सेक्टर 25 में फैक्टरी में लगी आग।
- पांच जून को सेक्टर 29 पार्ट वन स्थित गद्दों की फैक्टरी में लगी आग।

- आठ फरवरी को स्वास्तिक रोड पर फैक्टरी में लगी आग।

वर्जन :
किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचते हैं। फैक्टरी में कपड़ों व धागे की वजह से आग तेज हो जाती है। ऐसे में समय पर आग पर काबू पाने के लिए जरूरत के हिसाब से दूसरे दमकल केंद्रों की मदद ली जाती है। वे भी जरूरत पड़ने पर संबंधित केंद्रों का सहयोग करते हैं।
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गुरमेल सिंह, फायर अफसर।
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