पानीपत सिविल अस्पताल में लगी आग
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पानीपत सिविल अस्पताल स्थित शवगृह के चिकित्सक रूम में शनिवार रात को संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। रविवार सुबह रूम का कंप्यूटर और तेज कुर्सी और अन्य सामान जला हुआ मिला। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने अपने स्तर पर काबू पाया। शवगृह में चार शव थे। गनीमत रही कि आग इस तरह फैल नहीं गई। आग की घटना ने पूरे सिस्टम को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
पोस्टमार्टम हाउस में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुरेश ने बताया कि वह रविवार सुबह शवगृह पहुंचा। उसको चिकित्सक रूम से धुआं निकलता देखा। वह दौड़कर पहुंचा और गेट खोला। पूरा कमरा धुएं से भरा हुआ था। उसने एंटी फायर सिलेंडर की मदद से आग पर काबू पाया। उसने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पहुंचे।
बड़ी लापरवाही
शवगृह के नजदीक अस्पताल की इमरजेंसी है। यहां हर समय डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहते हैं। मुख्य गेट पर पुलिस पोस्ट भी है। इतना सबकुछ होने के बाद किसी को आग लगने का पता नहीं चला। इसी लापरवाही में स्वास्थ्य विभाग को करीब एक लाख रुपये का नुकसान हो गया।
फ्रीजर में थे चार शव
एक जानकार ने बताया कि रात को अस्पताल स्थित शवगृह में चार शव थे। इन शवों को फ्रीजर में रखा गया था। आग चिकित्सक के कमरे तक सीमित रही। आग दूसरी तरफ चल जाती तो चारों शव राख हो जाते।
इधर सिविल अस्पताल में सीलिंग टूटी मिली
सिविल अस्पताल में एमरजेंसी के नजदीक शकुन केंद्र व एक्सरे रूम के पास सीलिंग टूटी मिली। यहां करीब दस से 15 फीट तक सीलिंग टूटी हुई है। ऐसे में किसी असामाजिक तत्व की शरारत नजर आ रही है।