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Panipat News: ऑक्सीजन प्लांट के पीछे लगी आग, बड़ा हादसा टला

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पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में स्थित छह हजार क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट के पास संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग प्लांट से महज 10 मीटर दूर झाड़ियों में लगी थी। आग धीरे धीरे प्लांट की ओर बढ़ रही थी। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोबाइल पर बात करते हुए यहां पहुंचा तो उसने तुरंत अस्पताल में इसकी सूचना दे दी। आग लगने की सूचना पर अस्पताल में हड़कंप मच गया। अस्पताल के कर्मचारी आग पर काबू पाने वाले सिलिंडर लेकर तुरंत मौके पर पहुंचे। फायर विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों की सांस अटकी रही। कर्मचारियों की मुस्तैदी से बड़ा हादसा टल गया। इस हादसे के वक्त जिला नागरिक अस्पताल में लगभग 180 मरीज समेत 400 से अधिक लोग थे।
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जिला नागरिक अस्पताल में पुराने सिविल सर्जन कार्यालय के पास लगभग पौना एकड़ में छह हजार लीटर ऑक्सीजन क्षमता वाला प्लांट लगाया गया है। इस प्लांट को कोरोना काल में ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए लगाया गया था। इसमें एक मिनट में हवा से 10 हजार लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन हो सकता है। इसी प्लांट से अब एसएनसीयू वार्ड, प्रसूति वार्ड , इमरजेंसी में ऑक्सीजन की सप्लाई होती है। प्लांट के अंदर कर्मचारियों के अलावा सभी का प्रवेश निषेध है। सोमवार शाम साढ़े छह बजे ऑक्सीजन प्लांट के पीछे झाड़ियों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग तेजी से प्लांट की ओर बढ़ रही थी। जब आग प्लांट से महज 10 मीटर दूर रह गई थी। इसी वक्त एक कर्मचारी की नजर इस पर पड़ गई। अस्पताल में अलर्ट घोषित कर दिया गया। अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया तुरंत प्लांट के पास पहुंचे। करीबन 20 कर्मचारियों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। फायर विभाग ने यहां पानी की बौछारें की। इस प्रकार यहां बड़ा हादसा टल गया। सिविल सर्जन ने इस घटना की जानकारी ली है और ऑक्सीजन प्लांट के आसपास साफ सफाई रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

ऑक्सीजन प्लांट को ऑपरेट करने के लिए दो कर्मचारी है लेकिन इसकी सुरक्षा के लिए कर्मचारी नहीं है। एक बार प्लांट से रॉड की चोरी भी हो चुकी है। प्लांट में सुरक्षा कर्मी होना जरूरी है। सोमवार को अगर कर्मचारी समय पर अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना न देता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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वर्जन-

अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया ने बताया कि आग लगने की सूचना पर फायर विभाग समेत दूसरे कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए थे। आग पर काबू पा लिया गया है। आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं है। अब इस मामले की जांच की जा रही है।
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