पानीपत। लिबर्टी शूज के चौटाला रोड पर रिसालू गांव स्थित सेंट्रल वेयरहाउस में भयंकर आग लगने से करोड़ों के जूते जलकर राख हो गए। आग इतनी भयंकर थी कि लपटें और धुआं दूर से आसमान में उठता हुआ नजर आ रहा था। दमकलकर्मियों ने रिफाइनरी, एनएफएल, थर्मल और समालखा से गाड़ियों की मदद लेकर करीब सात घंटे में काबू पाया। इसके बाद भी वेयरहाउस में आग सुलगती रही। फिलहाल आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
जानकारी के अनुसार करनाल की लिबर्टी कंपनी का पानीपत के चौटाला रोड पर रिसालू गांव के पास सेंट्रल वेयरहाउस है। यहां पर कंपनी के महंगे जूते और अन्य सामान रखा गया है। बुधवार सुबह करीब आठ बजे कंपनी के वेयर हाउस में अचानक आग लग गई। लगातार आग बढ़ने से कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। कंपनी मालिक व अधिकारियों ने इसकी सूचना करीब पौने नौ बजे दमकल विभाग को दी। इसके बाद दमकल कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाना शुरू कर दिया। एक के बाद एक दस गाड़ी मौके पर पहुंची पर भयंकर आग के कारण कोई भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इसके बाद पानीपत रिफाइनरी, थर्मल पावर प्लांट, एनएफएल और एनएफएल से गाड़ियों की मदद ली गई और पड़ोसी जिलों से दमकल विभाग की गाड़ियां मंगाई गईं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने वेयरहाउस के करीब 300 मीटर का क्षेत्र सील कर दिया और वहां आने जाने पर पाबंदी लगा दी। दोपहर करीब तीन बजे आग पर काबू पाया जा सका लेकिन फिर भी कुछ हिस्से में आग सुलगती रही।
दमकलकर्मियों ने साइड से दीवार तोड़कर पाया काबू
कंपनी का वेयरहाउस करीब एक एकड़ में है। सामने से आग पर काबू पाने में मुश्किलें आ रही थी। इसलिए दमकल कर्मियों ने साइड की दीवार तोड़ी और फिर आग पर काबू पाना शुरू किया। तब तक आग पूरे वेयरहाउस में फैल चुकी थी। वेयरहाउस के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है। आग से करोड़ों के जूते और अन्य सामान जल गया है।
पांच दिन पहले लगी थी गोल्डन कंपनी के प्लांट में आग
दो फरवरी को सुबह गोल्डन ब्रांड के कंबल और कारपेट बनाने वाली गोल्डन फैक्ट्री के सिवाह स्थित प्लांट में आग लग गई थी। इस हादसे में करोड़ों रुपये का कच्चा और तैयार माल जल कर राख हो गया था। दमकलकर्मियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। इस दौरान करीब 150 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
10 गाड़ियों के भरोसे 20 हजार उद्योग
पानीपत औद्योगिक नगरी है। यहां छोटी और बड़ी करीब 20 हजार इकाई हैं। स्थानीय दमकल केंद्र इतना मजबूत नहीं है। करीब दस गाड़ी हैं। फैक्ट्री में आग बढ़ते ही रिफाइनरी, थर्मल और एनएफएल से मदद मांगनी पड़ती है। यही हालात बुधवार को लिबर्टी के वेयरहाउस में आग लगने के बाद पैदा हुई। यहां आग लगने की सूचना पर एक बार तो दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन आग बढ़ने पर दमकलकर्मी कमजोर पड़ गए। पानीपत में दो एकड़ में अति आधुनिक दमकल केंद्र का प्रस्ताव अभी कागजों में है। यह अब तक सिरे नहीं चढ़ पाया है।