पानीपत। दिल्ली के नरेला निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की जमानत पर फाइनेंसरों से लाखों रुपये कर्ज लेकर उड़ा दिए। फाइनेंसर घर आकर उसकी आशा कर्मी पत्नी को परेशान कर रहे हैं। इससे तंग आकर पत्नी ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या का प्रयास किया। किसी तरह अस्पताल में जान बची तो उसने पानीपत में अपने मायके में आकर महिला संरक्षण अधिकारी को शिकायत दी। अधिकारी ने पति को कार्यालय बुलाया तो पति ने भी पत्नी के मायके में जाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।
महिला संरक्षण अधिकारी रजनी गुप्ता को दी शिकायत में एक महिला ने बताया कि वह पानीपत के आजाद नगर की रहने वाली है। उसकी 1998 में नरेला निवासी युवक से शादी हुई थी। शादी के बाद उसे पता चला कि उसका पति कमेटी डालने और फाइनेंस का काम करता है, जिसमें लगातार उसे घाटा होता गया और वह कर्ज में डूबता चला गया। वह लाखों रुपये कर्ज ले चुका है। वह आशा वर्कर है, पति जबरदस्ती उसकी मेहनत की कमाई भी उससे छीन लेता है, कर्ज उतारने के लिए उसके सभी जेवरात बेच दिए। उसके मायके वालों ने भी चार से पांच लाख रुपये लिए, लेकिन पति अपनी आदतों से नहीं सुधरा। वह कर्ज पर रुपये लेकर उनको जुए व सट्टे में उड़ा देता। जब पति को बाहर से फाइनेंस पर रुपये मिलने बंद हुए तो पति उसको साथ लेकर जाने लगा, उसकी जमानत पर लोगों ने लाखों रुपये कर्ज लिया। जब फाइनेंसर घर आते तो आरोपी पति घर छोड़कर भाग जाता है, फाइनेंसर उसे व उसके बेटे को तंग करते है। जिस वजह वह मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहे है।
महिला ने बताया कि 12 जुलाई 2023 को वह घर पर थी। एक फाइनेंसर घर पर आया, रुपये मांगने लगा। उसने कहा कि पति घर पर नहीं है, आने पर बात कर लेना, लेकिन वह नहीं माना। वह उन पर रुपयों का दबाव बनाने लगा। उनके साथ मारपीट की। जिससे तंग आकर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। बेटा उसका अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां पर उसने पिता को फोन कर बताया, लेकिन पति भी फिर अस्पताल नहीं आया, जिसके बाद वह मायके आ गई।
पति की कर्जदारी, फाइनेंसरों के दबाव से तंग आकर महिला ने पति पर कार्रवाई की शिकायत दी है, जिस पर पति और ससुराल पक्ष को कार्यालय बुलाया गया है, दोनों पक्षों की काउंसलिंग के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- रजनी गुप्ता, महिला संरक्षण अधिकारी