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Panipat News: गर्भवती से दरिंदगी के बाद गर्भपात की आशंका

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पानीपत। मतलौडा के एक डेरे पर 20 सितंबर की दरिंदगी भरी रात को कोई भूल नहीं पाएगा। दरिंदों ने जिस दो माह की गर्भवती से दुराचार किया था, अब उसका गर्भपात होने की आशंका है। पीड़िता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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राज्य महिला आयोग सात दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज है। चेयरपर्सन बुधवार को डेरों का दौरा करेंगी। वे महिलाओं से बात करने के बाद अधिकारियों को रिपोर्ट देंगी। प्रशासन ने एसडीएम पानीपत को नोडल अधिकारी लगाया है।

उत्तर प्रदेश के फरुर्खाबाद के रहने वाले एक पीड़ित ने बताया कि उसकी बेटी पांच साल की है। उसकी पत्नी दो महीने पहले गर्भवती हुई। उन्हें उम्मीद थी कि पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी। उसने पत्नी को गांव में ही रहने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं मानी। उन्हें नहीं पता था कि 20 सितंबर की रात उनके लिए दर्दभरी होगी। दुराचार के बाद उसकी पत्नी को दिक्कत शुरू हुई और रक्तस्राव होना शुरू हो गया। वह चाहती है कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। एक महिला चिकित्सक ने बताया कि दो महीने की गर्भवती का रक्त रिसाव अधिक हो जाता है तो गर्भ बच पाना मुश्किल है।
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एक व्यक्ति ने बताया कि दरिंदों ने पकड़े जाने के डर से पहले मोबाइल तोडे। फिर उन्हें कमरे में बंद कर दिया। इसमें भी आरोपियों को पकड़े जाने का खतरा नजर आया तो उन्होंने बाहर खड़ी बाइक में से तीन लीटर पेट्रोल निकाल लिया। दरिंदों को डर था परिवार शिकायत न कर दे।
उसने बताया कि डेरा मालिक के पास वह 11 हजार की नौकरी करता है। करीब 80 एकड़ फसल की देखरेख करता है। उनके गांव में कमरे की छत कच्ची थी। इसलिए 50 हजार रुपये एडवांस लिए थे और वह गांव में छत पक्की कराकर छह माह में लौटा था। अगर उसने मालिक से यह 50 हजार रुपये न लिए होते तो वह गांव जा चुके होते।
पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि उसकी गांव में बूढ़ी मां और एक छोटा भाई है। मां को जब इस वारदात का पता लगा तो वह भी डर गई। मां रोजाना फोन कर हाल जान रही है। मां रोजाना कहती है कि बेटा परिवार के साथ लौट आओ। हमारी इज्जत तो चली गई, लेकिन अब जान का खतरा है।
पीड़ितों ने कहा कि पुलिस दर्जनों बार पूछताछ कर रही है। मंगलवार को पुलिस सुबह 11 बजे तक तीन बार पूछताछ कर चुकी थी। ऐसे में सोनीपत एसटीएफ के इंस्पेक्टर भी शुक्रवार को पानीपत पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक डेरा मालिक और पतियों से पूछताछ की। महिलाओं का कहना है कि वे कई बार बदमाशों का हुलिया बता चुकी है। इसके बावजूद पुलिस की जांच पीड़ितों तक टिकी है।
डेरे पर सामूहिक दुराचार और लूटपाट के मामले में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी। इसमें पुलिस और दूसरी एजेंसी काम कर रही हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग का घटना पर कोई पत्र नहीं आया है। चेयरपर्सन के बुधवार को आने की सूचना है।
-अजीत सिंह शेखावत, एसपी, पानीपत।
मतलौडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक डेरे पर तीन महिलाओं के साथ सामूहिक दुराचार के मामले में सात दिन बाद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना चिंता है। मैं बुधवार को स्वयं मौके का मुआयना करूंगी और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों से जांच रिपोर्ट ली जाएगी। उनको पूरे मामले की रिपोर्ट देने के आदेश दिए जाएंगे।
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रेणु भाटिया, चेयरपर्सन, राज्य महिला आयोग।
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