हरियाणा के पानीपत में गंगा एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे में घायल कमाचखेड़ा के सरपंच संजय के पिता धूप सिंह (75) की रविवार को रोहतक पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके साथ हादसे में मरने वालों की संख्या पांच पहुंच गई है।
सनौली थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं हादसे में घायल बाकी 11 श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बनी हुई है। दूसरी ओर पुलिस 40 घंटे बाद भी आरोपी ट्रक चालक को नहीं पकड़ पाई। यहां तक कि ट्रक मालिक का भी सुराग नहीं लग पाया है।
विदित है कि जींद के कमाचखेड़ा के सरपंच संजय अपने परिवार व रिश्तेदारों के साथ शुक्रवार रात को हरिद्वार गंगा स्नान के लिए जा रहा था। पानीपत में गंगा एक्सप्रेस-वे पर गांव रिशपुर के पास रात करीब डेढ़ बजे उनकी पिकअप का टायर पंक्चर हो गया।
करीब 22 श्रद्धालु पिकअप से उतरकर सड़क पर आ गए थे। इसी समय तेज रफ्तार में एक बेकाबू ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में 22 में से 16 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर मदनपुरा निवासी मोहित, कमाचखेड़ा निवासी कांता और मुन्नी व लजवाना कलां निवासी अश्वनी की मौत हो गई थी।
इसके बाद रविवार को पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान सरपंच संजय के पिता धूप सिंह की भी मौत हो गई। वहीं हादसे में घायल उषा पत्नी अजय, आशा पत्नी राकेश और अतुल पुत्र विक्रम को पानीपत सामान्य अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
सनौली थाना प्रभारी महाबीर ने बताया कि पुलिस हादसे के आरोपी ट्रक चालक की धरपकड़ का प्रयास कर रही है। ट्रक पानीपत की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का है। उसके मालिक का पता लगाया जा रहा है।