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Panipat News: तटीय क्षेत्रों के किसान बुलाएंगे महापंचायत

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सनौली। यमुना तटीय क्षेत्र के गांवों की शामलात देह की भूमि को मलकियत में बदलने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रिशपुर गांव के मदरसे में बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता यमुना सुधार समिति के प्रदेशाध्यक्ष रत्तन सिंह रावल ने की। पंचायत में जल्द 40 गांवों की महापंचायत बुलाने का फैसला किया गया। इसके अलावा सनौली क्षेत्र के आसपास के गांवों के लिए तामशाबाद टोल प्लाजा को मुक्त करने की मांग की गई।
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रतन सिंह रावल ने कहा कि यमुना से लगते गांव के किसान शामलात देह की भूमि में हिस्सेदार हैं और खादर की जमीन इन गांवों के किसानों की मलकियत वाली जमीन है। वे करीब 100 सालों से खेती करते आ रहे हैं, लेकिन यमुना का बहाव इधर-उधर होने से यह जमीन खुर्द बुर्द होती रही। पंजाब विलेज कॉमन लैंड एक्ट 1961 के सेक्शन 2 जी (1) के अपवाद में इस खादर वाली जमीन को छूट दी थी। जिसमें कहा गया था कि यह जमीन कभी भी पंचायत में नहीं जाएगी। सरकार ने बिना खादर के लोगों की राय लिए ही नोटिफिकेशन कर इस अपवाद को हटा दिया गया और इससे खादर के लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। यदि इस नोटिफिकेशन को वापस नहीं लिया तो यह जमीन पंचायत में चली जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे हथनी कुंड बैराज से लेकर पलवल तक के लाखों किसानों की जमीन प्रभावित होगी।

अधिवक्ता रतन सिंह रावल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश उनकी उक्त जमीन पर लागू नहीं होते। चूंकि उनके गांवों की उक्त जमीन किसी भी समय ग्राम पंचायत की नहीं रही है। बल्कि यह यमुना में बुर्द होने की वजह से शामलात बनी है। जमीन बुर्द होने की वजह से अपनी जमीन काश्त करने से वंचित रहना पड़ा। अब किसानों का एक दल अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी से भी मिलेगा। इससे पहले वह पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री से भी अपनी मांगों को लेकर मिल चुके हैं।
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