मतलौडा (पानीपत)। आदियाना गांव के किसान रमेश दहिया की बेटी पेरिस ओलिंपिक में दम दिखाएंगी। उन्होंने सेमीफाइनल में रोमानिया की 58वीं रैंकिंग की एलेक्सांद्रा अनघेल को 8-4 से हराकर ओलिंपिक कोटा मिला है। निशा पांचवीं भारतीय महिला पहलवान हैं। वह 68 किग्रा वर्ग के फाइनल में पहुंच गई हैं। परिवार और गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है। वह 13 बार भारत केसरी रह चुकी हैं।
पिता रमेश दहिया ने बताया कि वह खेती बाड़ी करते हैं। उनकी दो लड़कियां हैं। उसने अपनी बेटियों को हमेशा बेटों की तरह रखा। निशा दहिया इनमें छोटी है। उनके मन में बेटी को कुश्ती में लाने का विचार आया। निशा से इस बारे में बात की तो वह भी तैयार हो गई। उन्होंने आठवीं कक्षा के दौरान जींद के निडानी में निशा को कुश्ती सीखने के लिए छोड़ा। वह शुरुआत से ही अच्छा खेलती थी। 11वीं के दौरान रोहतक में कुश्ती का अभ्यास किया। निशा का ओलिंपिक में देश की झोली में पदक लाने का सपना था। वह अब पूरा होता नजर आ रहा है। निशा 14 अप्रैल को घर पर आएंगी। यहां उनका स्वागत किया जाएगा।
पहलवान निशा दहिया को शुक्रवार को विश्व ओलिंपिक खेल क्वालीफायर के दौरान पेरिस ओलिंपिक का कोटा मिला। वह इसी साल जुलाई-अगस्त में होने वाले पेरिस ओलिंपिक में शामिल होंगी। निशा 68 किग्रा वर्ग के फाइनल में पहुंची हैं। छह ग्रीको रोमन पहलवानों के निराशाजनक प्रदर्शन के एक दिन बाद महिला पहलवान निशा दहिया ने पांचवां पेरिस कोटा दिलाने की उम्मीदें जीवंत रखी थी। निशा ने बेलारूस की युवा अलिना शाउचुक को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। फिर इस 25 साल की पहलवान ने चेक गणराज्य की कई यूरोपीय चैंपियनशिप पदक विजेता एडेला हानजलिकोवा को 7-4 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। सेमीफाइनल में रोमानिया की 58वीं रैंकिंग की एलेक्सांद्रा अनघेल को 8-4 से हराया।
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पहले भी कई पदक चुकी अपने नाम
निशा ने बताया कि वह 13 बार भारत केसरी का खिताब जीत चुकी है। इसके अलावा दो बार सीनियर नेशनल, दो बार जूनियर नेशनल और दो बार अंडर 23 नेशनल में जीत हासिल कर चुकी हे। राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में छह स्वर्ण पदक जीते हैं। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में दो स्वर्ण और जूनियर एशिया में रजत व कांस्य पदक जीता है।