पानीपत। चांदनीबाग थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म कर उसकी ईंट से हत्या करने के मामले में आरोपी ठेकेदार को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं 55 दिन बाद बरामद नाबालिग के शव का पोस्टमार्टम पानीपत में नहीं हो सका। ऐसे में अब उसे खानपुर पीजीआई रेफर किया गया है। दूसरी ओर नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़िता की मां ने फैक्टरी मालिक और एक अन्य ठेकेदार पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि मिलीभगत से ही शव को इतने दिनों तक फैक्टरी के ऊपर कमरे में रखा गया और किसी को भनक तक नहीं लगने दी गई। यही नहीं वारदात के बाद फैक्टरी मालिक ने ऊपर की मंजिल पर काम भी बंद करा दिया था।
नाबालिग की मां ने बताया कि बेटी के प्रति आरोपी ठेकेदार कुलदीप की नीयत शुरू से खराब थी। 14 सितंबर को वह नाबालिग का पीछा करते हुए उसके घर तक पहुंच गया था। पति की गैर मौजूदगी में वह चाय पिलाने की बात कर रहा था, जिस पर उसे बाहर से ही उसने वापस कर दिया था। आरोपी की हरकत के बाद उसने बेटी को फैक्टरी से काम छोड़ने के लिए कहा था। उसने बेटी को कहा था कि वह 15 सितंबर को फैक्टरी जाकर मालिक को मना कर दे कि वह काम नहीं कर सकती। इसके बाद बेटी 15 सितंबर को मना करने गई थी, लेकिन दोबारा घर नहीं लौटी। दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। मामले में मां ने फैक्टरी मालिक और एक अन्य ठेकेदार पर भी मिलीभगत से वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है। मां ने बताया कि फैक्टरी में दो मंजिल पर काम चलता था। वहां 10 महिलाओं समेत 25 कर्मचारी काम करते हैं। वारदात के 10 दिन बाद ठेकेदार ने मालिक से बोलकर ऊपर की मंजिल से काम बंद कराकर सिर्फ नीचे ही चलाने के लिए कहा और मालिक ने ऐसा ही किया, ताकि ऊपर किसी को दुर्गंध न आ सके। दूसरी ओर नाबालिग के परिजन पुलिस के चक्कर काटते रहे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। थक हारकर परिजनों ने गृहमंत्री अनिल विज के दरबार में गुहार लगाई, जिसके बाद उन्होंने मामले में संज्ञान लेते हुए एसपी को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर इसकी जांच सीआईए को सौंपी गई। जब सीआईए टीम ने फैक्टरी में सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो नाबालिग जाते हुए दिखी, लेकिन लौटते हुए नहीं। इस पर पुलिस का शक गहरा गया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो वीरवार की देर शाम उसने फैक्टरी की तीसरी मंजिल पर बने कमरे से बोरे में रखा नाबालिग का शव बरामद कराया, जो कंकाल में तब्दील हो चुका था।
आठ हजार का दिया था झांसा-
मां ने बताया कि 11 सितंबर को बेटी उसके साथ फैक्टरी जा रही थी। इसी बीच एक जानकार महिला रानी ने उसे ठेकेदार कुलदीप के पास काम दिलाने की बात कही। वहां पर उसकी छह हजार रुपये महीना की नौकरी लगवाई। इस दौरान रानी ने बेटी को एक फोन भी दिया। फिर आरोपी कुलदीप ने बेटी को छह की बजाय आठ हजार रुपये देने की बात कही।
पुलिस से लगाते रहे गुहार पर नहीं हुई सुनवाई, थाने में दिन-दिनभर करते रहे इंतजार
पिता ने आरोप लगाया कि वह बेटी को ढूंढने के लिए पुलिसकर्मियों से बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वह सुबह थाने जाते थे और इंतजार करते-करते शाम को घर आते थे, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सिर्फ उन्हें इंतजार करवाते रहे। यही नहीं पुलिसकर्मियों ने उन्हें कहा कि एक हजार पंपलेट छपवा कर लाओ, वह लेकर गए तो बोला कि अब इनको रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर आओ। लोग तुम्हारी मदद करेंगे।
मां बोली- थानेदार फर्ज निभाता और समय रहते कार्रवाई करता तो बेटी की मिट्टी मिल जाती-
55 दिन बाद नाबालिग बेटी का शव कंकाल में तब्दील हो चुका है। यही कारण है कि पानीपत अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम भी नहीं हो सका। वहीं वारदात का खुलासा होने के बाद से परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। दूसरे दिन शुक्रवार को भी मां रो-रोकर कहती रही कि बेटी तो चली गई थी,अगर थानेदार समय रहते कार्रवाई करता और फर्ज निभाता तो उन्हें अपनी बेटी की मिट्टी तो मिल जाती।
फैक्टरी मालिक बोला-घटना के संबंध में बात नहीं करना
नाबालिग बेटी की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में फैक्टरी मालिक पर भी परिजन सवाल उठा रहे हैं। दूसरी और जब इस संबंध में फैक्टरी मालिक तरुण मक्कड़ से बात की गई तो उसने दिल्ली में होने की बात कही। साथ ही कहा कि घटना के संबंध में उसे कोई बात नहीं करनी है।
वर्जन
आरोपी ठेकेदार को न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। आरोपी की निशानदेही पर शव और ईंट बरामद की गई है। आगे पूछताछ में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी।
-इंस्पेक्टर दीपक, प्रभारी, सीआईए-1।