फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो अध्यापकों और कबड्डी कोच को छोड़ संपन्न पंचायत ने चुना पढ़ा लिखा किसान सरपंच

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। कई गांवों में चौधर के लिए हुए चुनावों के नतीजे हैरान करने वाले भी रहे। कहीं ग्रामीणों ने पढ़े-लिखे प्रत्याशियों को नकार दिया तो कहीं पढ़े लिखे युवाओं के हाथ में गांव की कमान सौंप दी। कई गांवों में तो लोगों ने प्रत्याशी की शालीनता देखकर ही उसे गांव की चौधर दे दी। जिले की संपन्न और अमीर पंचायतों में शुमार डाहर गांव की कमान इस बार 26 साल के मोनू नांदल को मिली है। उन्होंने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी दो अध्यापकों एवं कबड्डी कोच को मात दी। वह एमबीए तक पढ़े हैं और पेश से किसान एवं आढ़ती हैं।
विज्ञापन

मोनू नांदल ने कुलदीप को 134 वोटों से हराया। मोनू को 1944 और कुलदीप को 1810 मत मिले। कुलदीप पेशे से पहले अध्यापक रहे हैं। उनके भाई एवं पिता भी अध्यापक रहे हैं। तीसरे स्थान पर कबड्डी कोच जोगेंद्र रहे। उन्हें 289 मत मिले। चौथे स्थान पर निजी स्कूल के संचालक एवं एमए एमफिल तक पढ़े नवीन कुमार रहे। उन्हें महज 171 वोट मिले। गांव के लोगों ने अब तक का सबसे युवा सरपंच चुना है। मोनू ने इससे पहले 2016 में महज 20 साल की उम्र में चौधर का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। इसके बाद वह पिछले छह वर्ष से गांव की राजनीति में सक्रिय थे। अब मोनू नांदल के सामने उनके चुनावी वादे पूरी करने की चुनौती है। इनमें शुगर मिल में गांव के युवाओं को नौकरी, खेल स्टेडियम में सुविधाएं एवं गंदी से गांव को मुक्त कराने के वादे शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें