मतलौडा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के थिराना गांव स्थित ज्ञान मानसरोवर के 11वें वार्षिक समारोह में शामिल हुए। उन्होंने यहां तीन करोड़ रुपये की लागत से मनमोहिनी भवन की आधारशिला रखने के साथ इतनी ही लागत से स्थापित दादी चंद्रमणि यूनिवर्सल पीस ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नशामुक्त हरियाणा अभियान का शुभारंभ करते हुए नशामुक्त अभियान जागरूकता बस को झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा विश्वव्यापी समस्या बन चुका है और यह देश के कई राज्यों में तेजी से फैल रहा है, जो मानवता के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने संस्कार व ध्यान में नशामुक्ति का समाधान बताया और कहा कि हमारे पूर्वजों व समाज से मिले संस्कार और ईश्वर भक्ति में ध्यान साधना हमें नशे से दूर रख सकती है। इसलिए अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें और उन्हें ईश्वर भक्ति में ध्यान लगाने के लिए प्रेरित करें।
नशे से लड़ने के लिए संत समाज और अन्य संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं। इसके विरुद्ध अनेक कार्यक्रम कर युवाओं को प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त अभियान भी प्रेरणा का विषय है। नशामुक्त समाज के लिए तीन स्तर पर काम किया जा रहा है। पहला जनजागरण, दूसरा नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को बाहर निकालकर उनका पुनर्वास करना और तीसरा नशे की आपूर्ति की चेन को नष्ट करना है।
सरकार नशे के खिलाफ जिलों में ड्रग फ्री साइक्लोथॉन कर चुकी है। राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार ने कहा कि आश्रम से गरीब की सेवा का मूल मंत्र लेकर जाएं और समाज सुधार के लिए पूर्ण प्रयास करें। ग्लोबल अस्पताल माउंट आबू के निदेशक डॉ. प्रताप मिड्ढा ने नशामुक्त अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे के विरुद्ध ब्रह्माकुमारी पांच हजार कार्यक्रम कर दो हजार जागरूकता रैली निकाल चुका है। इस मौके पर पूर्व मंत्री बच्चन सिंह आर्य, ज्ञान मानसरोवर रिट्रीट सेंटर के निदेशक बीके भारत भूषण, पानीपत सब-जोन प्रभारी राजयोगिनी बीके सरला बहन मौजूद रहीं।