पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल के आईसीयू में पहली बार वेंटिलेटर का प्रयोग किया गया है। एक वेंटिलेटर पर सांप के काटने से गंभीर हालत में पहुंचे 10 साल के बच्चे को दाखिल किया गया है। वेंटिलेटर इस्तेमाल करने के लिए इमरजेंसी मेडिसिन डॉ. सुखदीप कौर को बुलाया गया था। अब स्वास्थ्य विभाग सोमवार को सभी वेंटिलेटर की जांच करेगा। 31 जुलाई से पहले सभी वेंटिलेटर दुरुस्त किए जाएंगे। कई वेंटिलेटर में एयर सप्लाई काफी डाउन है। ऐसे में इलाज के दौरान मरीजों को दिक्कतें आ सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वेंटिलेटर की सही स्थिति तब ही पता चलेगी जब मरीजों को इनकी सेवाएं मिलनी शुरू होगी। फिलहाल जिला नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में दो व आईसीयू वार्ड में छह वेंटिलेटर इंस्टॉल हैं। अब बैंक में उपलब्ध सभी 21 वेंटिलेटर की जांच होगी।
इन 21 वेंटिलेटर में से कुछ वेंटिलेटर अस्पताल के तृतीय तल पर बने पीडियाट्रिक हाई डिपेंडेंसी यूनिट में इंस्टॉल किए जाएंगे। वह जिन नर्सिंग ऑफिसर की ड्यूटी होगी उनको प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिलहाल एसएनसीयू वार्ड की इंचार्ज डॉ. भावना वेंटिलेटर चलाने के लिए प्रशिक्षित हैं। इसके बाद क्रिटिकल केयर ब्लॉक भी वेंटिलेटर इंस्टॉल होने हें यह 50 बेड का ब्लॉक गंभीर मरीजों कें लिए बनना है। इसमें कितना वक्त लगेगा यह किसी को पता नहीं है।
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कोरोना काल में मिले थे 29 वेंटिलेटर
कोरोना काल में सरकार व उद्यमियों की ओर से स्वास्थ्य विभाग को 29 वेंटिलेटर मिले थे। वेंटिलेटर के अभाव में जिला नागरिक अस्पताल से गंभीर रोगी रेफर होते रहे हैं, क्योंकि वेंटिलेटर के लिए आईसीयू अब सालों बाद तैयार किया जा रहा है। गंभीर रोगियों को 31 जुलाई से वेंटिलेटर की सेवाएं मिलना शुरू होगी। डॉक्टरों को सरकार की ओर से समय रहते वेंटिलेटर चलाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया। इसलिए वेंटिलेटर चार साल तक स्टोर रूप में व्यर्थ ही तरह पड़े रहे।
वर्जन-
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा का कहना है एक बच्चे को आईसीयू में वेंटिलेटर पर डाला गया है। सभी वेंटिलेटर 31 जुलाई से पहले दुरुस्त कर लिए जाएंगे। अब नई सेवाएं शुरू हो रही है। नियमित तौर पर वेंटिलेटर की जांच होगी। अगर किसी वेंटिलेटर में कोई कमी है तो ठीक कराया जाएगा।