करनाल। सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर नौ और दस अगस्त को देशव्यापी महापड़ाव को लेकर वीरवार को सेक्टर 12 में संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें नए लेबर कोड को रद्द करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने आदि कई मांगों को लेकर करनाल के लघु सचिवालय के सामने दो दिवसीय महापड़ाव को सफल बनाने के लिए विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
संयुक्त सम्मेलन की अध्यक्षता करते सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुशील गुर्जर ने महापड़ाव की सही जानकारी मांगी। मुख्य वक्ता के रूप में हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के राज्य चेयरमैन कृष्ण शर्मा ने कहा कि केंद्र की सरकार एवं हरियाणा की सरकार किसी भी रूप में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए कोई पॉलिसी लेकर आने के लिए तैयार नहीं है। बेरोजगारी की बहुत ज्यादा मार है। केंद्र सरकार परियोजनाओं में काम करने वाले प्रयोजन वर्करों को पक्का करना तो दूर की बात है, न्यूनतम वेतन भी लागू करने के लिए तैयार नहीं है। हालात को देखते हुए पूरे प्रदेश में नई पेंशन पॉलिसी के विरोध में कर्मचारी एकत्रित हो रहा है। महंगाई चरम सीमा पर है और बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ रही है। श्रम कानूनों में संशोधन के नाम पर श्रमिकों के साथ विश्वासघात किया जा रहा है। इसके लिए पूरे देश में नौ व 10 अगस्त को सभी जिलों में लघु सचिवालयों के सामने दो दिन महापड़ाव डाला जाएगा। करनाल में भी महापड़ाव की जिम्मेदारी सभी संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों को उनके संगठन के लोगों को लाने की सौंपी गई। दोनों दिन जोरदार विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
इसमें हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान राजेंद्र पुनिया, सीटू के जिला प्रधान सतपाल सैनी, इंटक के जिला प्रधान जगमाल सिंह व एंटक के प्रधान वीर सिंह लाठर ने अपने विचार रखे। संचालन महासंघ के जिला सचिव राकेश गौतम ने किया। इसमें धीरज रावत, बलजीत शर्मा, भाग सिंह, राजेश मदान, रोहताश, बिजनेश राणा, शिमला देवी, सुरेंद्र मान, ओमप्रकाश माटा, जोगीराम, परमजीत कौर, जोगिंदर सिंह, ममता, बबीता, रीना, शिमला, महावीर सिंह, राम कुमार प्रजापत, राजकुमार चौधरी, लाल सिंह व एसपी त्यागी आदि मौजूद रहे।