पानीपत। सीजीआरएफ का खुला दरबार मात्र खानापूर्ति तक सिमटकर रह गया है। मंगलवार को सेक्टर-छह स्थित बिजली निगम कार्यालय में खुला दरबार लगाया गया। यहां बिजली बिल संबंधित 11 शिकायतें आईं। अधिकारी इनमें से एक का भी मौके पर समाधान नहीं कर पाए। दस शिकायत संबंधित एसडीओ को समाधान के लिए भेज दिया गया है। एक केस की फाइल बनाकर अधिकारी अपने साथ ले गए। अधिकारी भी दरबार के समय को लेकर गंभीर नजर नहीं आए। चार बजे तक चलने वाले दरबार में अधिकारी करीब सवा दो बजे ही चले गए। सीजीआरएफ के चेयरमैन आरके खन्ना की अध्यक्षता में दरबार में फरियादियों की शिकायत सुनी गई। दरबार में एसई नरेंद्र ने सभी 11 शिकायतों को सुना।
सीजीआरएफ के खुले दरबार में पिछले महीने के दो बिजली संबंधित केस का समाधान किया गया। पिछले महीने के दरबार में कुल चार शिकायत आई थी, जिसमें से दो का समाधान हुआ और दो केस को हर बार की तरह अगले महीने की बैठक में टरका दिया गया है।
सिद्धार्थ नगर के बुजुर्ग बलवान ने बताया उसका 1.91 लाख रुपये बिल भेजा दिया। उसने कोर्ट में केस किया तो सरचार्ज माफ कर दिए। पहली बार में 45 हजार और फिर 22 हजार रुपये का सरचार्ज माफ कर उससे 30-30 हजार के दो बिजली बिल भरवा लिए गए। जनवरी के बिल में फिर से सरचार्ज के साथ पूरा बिल भेज दिया। योजना के चलते उसे पागल बनाकर केस भी वापस करवा लिया और बाद में पूरा बिल भरवा लिया है। वह हर दरबार में शिकायत लेकर आता है।
वधावाराम कॉलोनी के सुरजीत ने बताया कि उसका अक्तूबर में 68 हजार रुपये का बिज भेज दिया। उसने पिछले महीने खुले दरबार में शिकायत की तो उससे सात हजार की बजाय 10 हजार रुपये का बिल भरवा लिया गया। पिछले दरबार में ही साफ हो गया था कि बिल किसी और नंबर का जुड़कर आया है। इसके बाद भी अब तक उसका बिल ठीक नहीं किया गया है।