पानीपत। पिछले 10 दिन से लगातार बादल छाए हैं। प्रचंड धूप से राहत मिली है, लेकिन अब उमस से जीवन बुरी तरह से प्रभावित है। जिले में अब भी बिजली की खपत बहुत ज्यादा है। पिछले लगभग दो माह से प्रतिदिन की बिजली खपत 1.25 करोड़ से अधिक है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में धान रोपाई का काम चल रहा है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति अधिक करनी पड़ रही है।
धान रोपाई के कारण अब बिजली की खपत 1.40 करोड़ यूनिट प्रतिदिन पहुंच चुकी है। ऐसे में गांव व कॉलोनियों में बिजली के लंबे कट लग रहे हैं। जो गांव जगमग गांव योजना के अंतर्गत आते हैं। उनमें भी दिन में छह से सात घंटे का कट लग रहा है। ओवरलोड के कारण आए दिन लाइनों में फॉल्ट आ रहे हैं। बिजली निगम औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 22 घंटे बिजली की आपूर्ति कर रहा है।
मौसम में हुए बदलाव के बाद भी बिजली की खपत घटने की बजाय बढ़ने लगी हैं। बिजली की जिले में रोजाना की खपत 1.40 करोड़ यूनिट दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल 2023 ये खपत 1.05 करोड़ यूनिट थी। इस समय शहर में सबसे ज्यादा औद्योगिक एरिया में 53.36 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। वहीं, शहरी एरिया में 40.07 लाख यूनिट, खेतों में 25.84 लाख और ग्रामीण एरिया में 21.63 लाख यूनिट खर्च हो रही है। बढ़ती खपत के साथ बिजली के ट्रांसफार्मर भी ओवरलोड हो चुके हैं। जिससे शहर में रोजाना अघोषित बिजली कट लग रहे हैं। कभी ट्रांसफार्मर फेल हो जाता तो कभी केबल में ब्लास्ट हो रहे हैं।
वर्जन :
अब खेतों में धान रोपाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में आवासीय क्षेत्र की बजाय खेतों में बिजली की मांग बढ़ी है। किसानों को शेड्यूल अनुसार बिजली दी जा रही है।
आदित्य कुंडू, एक्सईएन, सब अर्बन डिविजन पानीपत।