पानीपत। निजीकरण के विरोध में बुधवार को बिजलीकर्मियों ने गोहाना रोड स्थित पावर हाउस में सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। ऑल हरियाणा पॉवर काॅर्पोरेशन वर्कर यूनियन के चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा ने बताया कि निजीकरण का सीधा प्रभाव गरीब लोगों पर पड़ने वाला है। 78 हजार कनेक्शनों के हिसाब से पूरे प्रदेश में 1.25 लाख पक्के कर्मचारी हाेने चाहिए, जबकि सरकार महज 23 हजार कर्मचारियों से काम कराकर शोषण कर रही है।
महासचिव नरेश कुमार ने बताया कि सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कच्चे कर्मचारी भर्ती किए हैं। उन्हें कभी भी पक्का नहीं किया जाएगा। काम के दौरान कोई हादसा होने पर उन कर्मचारियों को कोई इंश्योरेंस या मेडिकल क्लेम नहीं मिलेगा। पैडी सीजन में तीन माह के लिए कच्चे कर्मचारियों को भर्ती किया जा रहा है, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। बिजलीकर्मी जितेंद्र सैनी ने बताया कि पहले पानी के माध्यम से बिजली का उत्पादन किया जाता था, जो सारे खर्च मिलाकर 90 पैसे प्रति यूनिट तक पड़ती है, लेकिन अब सरकार पानी से बिजली उत्पादन करने के बजाय अडानी ग्रुप से बिजली खरीद रही है। इसका सीधा असर आमजन की जेब पर पड़ रहा है। इस मौके पर मनीष मलिक, ईश्वर शर्मा, मदन रावल, मदन, सोमपाल, सितेंद्र पुनिया, रणबीर व मंगल सिंह मौजूद रहे।