पानीपत। शहर और आसपास के रूटों पर जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी। पानीपत डिपो में 50 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। फिलहाल पांच बसें पहुंच गई हैं। इनके साथ रोडवेज डिपो में बसों का बेड़ा 200 से ऊपर पहुंच जाएगा। फिलहाल डिपो में 158 बसें हैं। इनके अलावा 25 बसें किलोमीटर योजना में हैं। इनके साथ रोडवेज का बेड़ा पूरा हो जाएगा। इससे शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर बस सुविधा की उम्मीद जग गई है। इलेक्ट्रिक बस एक बार चार्जिंग होने पर करीब 130 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इन बसों को दिल्ली या चंडीगढ़ रूट पर नहीं चलाया जा सकता। जरूरत पड़ने पर शामली में भेजी जा सकेंगी। नहीं तो बसों को अंतर जिला रूटों पर चलाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार रोडवेज डिपो में अब 150 बसें हैं। इनके अलावा 25 बसें किलोमीटर स्कीम और 15 बसें मिनी हैं। इनमें कुछ बसों को हर रोज सर्विस करने के लिए रोका जाता है। ऐसे में बसों को पर्याप्त रूप से नहीं चलाया जा सकता। लोकल रूटों पर यात्रियों की बसों को लेकर मांग रहती थी। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में बसों को लेकर परेशानी अधिक रहती थी। विद्यार्थी कॉलेजों में बसों की कई बार मांग कर चुके हैं। सेक्टर-18 स्थित देशबंधु गुप्ता राजकीय कॉलेज में विद्यार्थियों को दो बार ऑटो बदलना पड़ता है। उनको बस न मिलने पर परेशानी उठानी पड़ती है। संवाद
चार्जिंग स्टेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट
पुराना बस स्टैंड पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन पिछले दिनों नए बस स्टैंड पर बसों के लिए चार्जिंग मशीन पहुंचाई। इससे चार्जिंग स्टेशन नए बस स्टैंड पर बनाने की चर्चा शुरू हो गई। अब स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। नए बस अड्डे पर एक अस्थायी चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है। पुराना बस स्टैंड पर चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को नए बस स्टैंड से बसों को रवाना करेंगे।
चार दिन से बसों को लिया जा रहा ट्रायल
पिछले चार दिन से दो इलेक्ट्रिक बसों का सिटी सर्विस के लिए ट्रॉयल लिया जा रहा है। इनके साथ चार्जिंग विशेषज्ञ और अधिकारी चार्जिंग स्टेशन के बारे में जानकारी ले रहे हैं। फिलहाल बसों की चार्जिंग सही बताई जा रही है। शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने एडीसी वीना हुड्डा के नेतृत्व में बसों का ट्रायल लिया। इनको सिवाह गांव स्थित नए बस स्टैंड से जीटी रोड टोल प्लाजा और वहां से फिर वापस लाया गया।
बेड़े में नहीं रहेगी बसों की कमी
इलेक्ट्रिक बसों के शुरू करने के बाद यात्रियों को शहर में आने के लिए कोई परेशानी नहीं रहेगी। ये बसें रात के 10 बजे तक चलेंगी। बसें पूरी मिलने के बाद 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में भी भेजा जाएगा। इससे ग्रामीणों को बसों की जल्दी सर्विस मिलेगी। नजदीक के काॅलेजों में जाने वाली लड़कियों के लिए बसें शुरू की जा सकती हैं।
कुलदीप जांगड़ा, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो।