पानीपत। नगर निगम अधिकारियों ने आगामी वित्तीय वर्ष 2024-25 की शुरुआत के साथ निगम की कमाई और खर्च का बजट भी तैयार कर लिया है। इस बार बजट पर शहर की सरकार न होने की वजह से इसकी चर्चा निकाय अधिकारियों से की गई। जिसे सरकार ने मंजूरी भी दे दी है। खास बात ये है कि 2023-24 में निगम ने अपने निर्धारित कमाई के लक्ष्य लगभग 301 करोड़ रुपये रखा है, उसमें सिर्फ 230 करोड़ ही कमा पाया। इस तरह 71.22 करोड़ रुपये की कम कमाई की। वहीं खर्च करने में भी निगम अपने निर्धारित बजट से 120 करोड़ की राशि का व्यय नहीं कर सका।
आगामी वित्तीय वर्ष को लेकर निगम ने पहले से करीब 44 करोड़ की ज्यादा यानी 345.26 करोड़ कमाने का लक्ष्य रखा है। वहीं अगर व्यय की बात की जाए तो निगम अब तक की सबसे बड़ी धनराशि जिसमें करीब 357.37 करोड़ खर्च करने का प्लान बना चुका है। जो गत वित्तीय वर्ष में खर्च की गई राशि से दोगुनी होगी और निर्धारित बजट से करीब 66 करोड़ रुपये ज्यादा होगी। विशेष बात ये है कि निगम के आय और व्यय के ये असल आंकड़े 29 फरवरी 2024 तक के हैं। इसके बाद आगामी माह यानी मार्च 2024 के आंकड़े लेखाजेखा शाखा की ओर से जुटाए जा रहे हैं। जिनका रिकॉर्ड एक सप्ताह में अपडेट होगा। कुल मिलाकर पिछली बजट की तुलना में निगम ने इस बार करीब 71.22 करोड़ की कमाई कम की और 120 करोड़ खर्च भी कम किए हैं।
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बजट पर एक नजर
पिछले तीन सालों में कमाई की बात करें तो नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 287.76 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा था। जिसमें से निगम 185.26 करोड़ की ही कमाई कर पाया। जो लक्ष्य से करीब 102 करोड़ रुपये कम रही। इसके बाद 2023-24 के वित्तीय वर्ष में निगम ने 301.72 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा, जिसमें से निगम फरवरी 2024 तक केवल 230.50 करोड़ की कमा पाया। फिर से निगम अपने निर्धारित आय से वही 71.220 करोड़ रुपये से चूक गया। इसे देख निगम ने अबकी बार इस वित्तीय वर्ष में अब तक का सबसे ज्यादा 345.26 करोड़ की आय का बजट बनाया है। जो पिछले बजट से करीब 114.76 करोड़ ज्यादा है।
वहीं, व्यय की बात करें तो निगम ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 287.69 करोड़ का बजट बनाया लेकिन इसमें से सिर्फ 166.75 करोड़ रुपये ही खर्च किए। जो निर्धारित बजट से 120 करोड़ कम थे। इसके बाद 2023-24 के वित्तीय वर्ष में निगम ने 291.34 करोड़ का बजट बनाया लेकिन इसमें से सिर्फ 170.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए। फिर से निगम अपने बजट का 120 करोड़ नहीं खर्च कर पाया। अब निगम ने सबसे ज्यादा करीब 357.37 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा है। जो पिछले निर्धारित बजट से करीब 66 करोड़ ज्यादा और असल खर्च की गई राशि से दोगुना है।
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यहां हुई सबसे ज्यादा कमाई और खर्च
निगम ने गत वित्तीय वर्ष में 43.48 करोड़ की कमाई स्टॉप ड्यूटी से, 26.41 करोड़ संपत्तिकर, 1.86 करोड़ रेंट से, 1.95 करोड़ विज्ञापन से, 4.20 करोड़ ईएमडी से की है। वहीं, अगर खर्च करने की बात की जाए तो निगम ने 34.19 करोड़ तनख्वाह में, 08 करोड़ कर्मचारी निधि में, करीब 32 करोड़ सफाई में, नालों की 9.58 करोड़ रिपेयर व मेंटनेंस, 4.06 करोड़ रोड व गलियों की मरम्मत पर, 16.99 करोड़ सड़कों के निर्माण पर,4.60 करोड़ सामुदयिक केंद्रों के निर्माण पर, 10.58 करोड़ अन्य विकास कार्याें पर, 6.97 करोड़ ईएमडी पर खर्च किए हैं। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से आने वाली निर्धारित 105.25 करोड़ ग्रांट से करीब 03 करोड़ ज्यादा सरकार ने निगम को भेजे। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित 30.46 करोड़ की ग्रांट में से निगम को केवल 8.38 करोड़ ही मिल पाए हैं।
वर्जन-
सरकार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट बनाकर भेजा गया था। जिसमें कुछ संशोधन करवाने के बाद सरकार ने मंजूरी कर लिया है। इसमें निगम ने इस वित्तीय वर्ष में आय के लिए 345.26 करोड़ और व्यय के लिए 357.37 करोड़ का बजट बनाया है।
राजेश गर्ग, चीफ अकांउट अफसर, नगर निगम।