पानीपत। वार्ड नंबर चार के अशोक नगर के लोगों की सालों पुरानी मेन बाजार से चार बड़े ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने की मांग सरकारी आदेशों के बाद भी शुक्रवार को भी पूरी नहीं हो सकी। ट्रांसफार्मर शिफ्ट करवाने के लिए मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नगर निगम एक्सईएन गोपाल कलावत पहुंचे। उनके साथ बिजली निगम के एसडीओ अनिल श्योकंद और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। किसी भी विवादास्पद स्थिति से निपटने के लिए किला थाने से पुलिस भी साथ ली गई। बावजूद ट्रांसफार्मर शिफ्ट नहीं हो सके।
यहां रखे चार ट्रांसफार्मरों में से एक को करीब 700 मीटर की दूरी पर शिफ्ट किया जाना था। जब टीम मौके पर पहुंची तो जिस मकान के पास ये ट्रांसफार्मर शिफ्ट होना था मकान मालिक ने वहां दरवाजे लगा दिए और इस पर स्टे ऑर्डर ले लिया। इसे देख मौके के अधिकारी पीछे हट गए। जबकि स्थानीय लोगों ने कहा कि ये दरवाजे सिर्फ नाम मात्र के हैं। इनके पीछे दीवार बनाई गई है। दरवाजे सिर्फ इसलिए लगाए गए हैं ताकि इनके सामने ट्रांसफार्मर न लगाया जा सके। जबकि उनका गेट दूसरी दिशा में है। यहां करीब 300 फुट के एरिया में कई गेट लगाए हुए हैं।
इसके बाद पूरी टीम रामलीला ग्रांउड पहुंची। यहां कभी ट्रांसफार्मर को बाहर तो कभी अंदर लगाने की बातचीत होती रही लेकिन ट्रांसफार्मर तक शिफ्ट नहीं हो सका। इस प्रकरण पर लोगों ने आरोप लगाए कि निगम अधिकारी जानबूझकर शिफ्टिंग नहीं करना चाहते। अगर उनको ये ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने होते तो कम से कम पोल तो लेकर आते। न निगम अधिकारी पोल लेकर आए और न ही खुदाई की कोई मशीन लेकर आए। पूरा प्लान प्रायोजित था।
गौरतलब है कि अशोक नगर के मेन बाजार में बिजली निगम के चार बड़े ट्रांसफार्मर और लोहे के खंभे लगे हैं। जो इंसानाें से लेकर जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इनमें करंट आने से अब तक दो इंसानों समेत सैंकड़ों गोवंशों व अन्य जानवरों की जान तक जा चुकी है। हैरानी की बात तो ये है कि इसकी बार-बार शिकायत करने के बाद भी निगम इसकी सुध नहीं ले रहा है। इससे लोगों में निगम अधिकारियों के खिलाफ भयंकर रोष पनप चुका है। खासकर बारिश जैसे मौसम में लोगों के सिर पर हर समय मौत का साया मंडराता रहता है।
ये चार बड़े ट्रांसफार्मर आसपास की आठ कॉलोनियों जिनमें अशोक नगर, रमेश नगर, तेज कॉलोनी, उत्तम नगर, नौलखा कॉलोनी, पटेल नगर, ज्वाहर नगर और ग्रीन पार्क का एरिया को बिजली सप्लाई देते हैं। इन हाईवोल्टेज ट्रांसफार्मर में जब फॉल्ट आता है तो उसे ठीक करने के लिए चारों की सप्लाई बंद करनी पड़ती है। वहीं, इनके फॉल्ट और इनमें लगने वाली आगजनी से लोगों के सिर पर हर समय खतरा मंडराया रहता है।
मौके पर गए थे, स्टे ऑर्डर दिखाया: एसडीओ
ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट, पुलिस को साथ लेकर मौके पर गए थे। जहां ट्रांसफार्मर शिफ्ट होना था उनके मालिक ने कोर्ट का स्टे ऑर्डर दिखा दिया। इसके बाद टीम को लौटना पड़ा। दूसरा ट्रांसफार्मर अब रामलीला ग्रांउड के अंदर लगाया जाएगा।
अनिल श्योकंद, एसडीओ, सिटी डिवीजन।