पानीपत। दो दिन हुई बारिश से प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई है। लोगों को बरसात के बाद शुद्ध हवा मिली है। बरसात में स्मॉग की परत टूट गई और हवा के कण ऊपर उठ गए। लगातार पांच दिन येलो जोन में एक्यूूआई रहने के बाद शनिवार और रविवार को एक्यूआई 50 से कम दर्ज किया गया। सोमवार को एक्यूआई 42 रहा। रविवार को पानीपत की हवा रोहतक एवं करनाल के बाद सबसे शुद्ध रही। जिन सड़कों से धूल उड़ रही थी, वो पानी में दब गई है। आने वाले चार-पांच दिनों तक इसका प्रभाव रहेगा।
दूसरी ओर फैक्टरियों पर कार्रवाई के लिए कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की टीमें फील्ड में उतरेंगी। टीमों को सूचना मिल रही है कि कोयले पर चोरी छिपे बॉयलर चल रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि एक अक्तूबर के बाद से ही उद्योग बंद हैं। टेक्सटाइल नगरी को हर रोज 100 करोड़ का नुकसान हो रहा है।
शहर में एक अक्तूबर से ग्रैप लागू हो चुका है। इसके तहत कोयला संचालित उद्योगों को बंद रखा जा रहा है। शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को नियंत्रित करने के लिए इस बार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) वेदर फॉर कास्टिंग एजेंसी की सेवा ले रहा है। एजेंसी सीपीसीबी को आने वाले दिनों में किन जिलों में एक्यूआई बढ़ने की जानकारी दे रही है। एजेंसी दो या तीन दिन पहले बढ़ने वाले एक्यूआई का पूर्वानुमान लगा रही है। सीपीसीबी और एचएसपीसीबी उसी के अनुसार अपनी योजना तैैयार कर रही है।
सीएक्यूएम की टीमें करेंगी कार्रवाई
टीमें फील्ड में फैक्टरियों का निरीक्षण कर रही हैं। अब सीएक्यूएम की टीमें भी फील्ड में कार्रवाई करेंगी। इन दिनों एक्यूूआई गिरा है। इससे राहत मिली है।
- कमलजीत सैनी, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड