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Panipat News: शहर में गोबर प्रबंधन की बनाई नीति, वैज्ञानिक तरीके से होगा निपटान

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फोटो- 9
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शहर में गोबर प्रबंधन की बनाई नीति, वैज्ञानिक तरीके से होगा निपटान
- सीवर बंद नहीं होंगे और न ही फैलेगी गंदगी
- गोबर से बनेगी गैस और गुटके बनाकर ईंधन में काम लाएंगे
- 381 डेयरी शहर में हैं, अवैध डेयरियों को थमाया जाएगा नोटिस
- रजिस्ट्रेशन न कराने पर जुर्माना और कार्रवाई का है प्रावधान
जितेंद्र नरवाल
पानीपत। नगर निगम अब शहर में गोबर प्रबंधन नीति लागू करने जा रहा है। इसके तहत निगम डेयरियों से निकलने वाले पशुओं के गोबर का अब वैज्ञानिक तरीके से निपटान करेगा। डेयरियों से गोबर उठाने की जिम्मेदारी भी निगम की होगी। इस गोबर से बायोगैस और गुटके बनाए जाएंगे, जो ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इसके लिए निगम प्लांट भी तैयार करेगा। इस नीति से अब न शहर की डेयरियों को बाहर शिफ्ट कराने की जरूरत होगी न सीवर चोक होंगे और न ही गंदगी फैलेगी। मीथेन गैस की वजह से किसी की जान भी नहीं जाएगी।
इस नीति को शहर में लागू करने के लिए निगम अब अभियान शुरू करने जा रहा है, जिसमें शहर की डेयरियों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा। रजिस्ट्रेशन न कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। इस कार्रवाई में डेयरी संचालकों पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाने के साथ डेयरी के पशुओं को निगम गोशाला में भी भेज सकता है।
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2020 के सर्वे में 381 डेयरी-
निगम की ओर से 2020 में शहर का सर्वे किया गया था। उस दौरान शहर में 381 डेयरियां मिली थीं। इन डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए निगम को जमीन तक नहीं मिली। दूसरी ओर डेयरी संचालकों ने भी शहर से बाहर जाने से मना कर दिया। इसके बाद उक्त रिपोर्ट सरकार को भेजी गई। रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने गोबर प्रबंधन नीति बनाई, जिसमें हर समस्या के समाधान का जिक्र किया गया।
हेल्पलाइन नंबर भी जारी करेगा निगम
निगम इसके लिए हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल जारी करेगा। इसके लिए समय निर्धारित किया जाएगा, जिसमें लोग अपनी डेयरियों को निगम में रजिस्टर्ड करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए निगम की वेबसाइट पर फॉर्म भी उपलब्ध कराया जाएगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में चल रहीं अवैध डेयरियों से निकलने वाले गोबर को डेयरी संचालक नाली व सीवर में बहा देते हैं, जिससे नालियां व सीवर चोक हो जाते हैं। गोबर से मीथेन गैस निकलती है, जो जानलेवा साबित होती है।
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अब इन पर होगी कार्रवाई-
- निर्धारित समय सीमा में रजिस्ट्रेशन न करवाने वाले डेयरी चलाने वालों के खिलाफ
- गोबर को खुले में, सड़क किनारे, सीवर व नालियों में डालने वालों के खिलाफ
- डेयरी परिसर या संपत्तियों पर बकाया नगर निगम के भुगतान न करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
वर्जन-
हर समस्या का होगा समाधान : आयुक्त
डेयरियों से निकलने वाले गोबर का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा। इसके लिए गोबर प्रबंधन नीति लागू की जाएगी। इस पर मंगलवार को बैठक में चर्चा भी की गई है। इससे शहर भी साफ सुथरा रहेगा। गोबर का ईंधन के तौर पर इस्तेमाल भी किया जा सकेगा।
- राहुल नरवाल, आयुक्त, नगर निगम।
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