पानीपत। सीईटी के चलते नवविवाहित वर-वधू को एसडी स्कूल के मंदिर में दर्शन नसीब नहीं हो पाए, उन्हें वापस लौटना पड़ा। एसडी स्कूल के अंदर बने मंदिर में विवाह के बाद दूल्हा दुल्हन पहुंचे। जहां उन्हें परीक्षा केंद्र पर जाने से पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। दूल्हा दुल्हन ने पुलिसकर्मियों से आधे घंटे तक मंदिर में दर्शन करने की अनुमति देने की मिन्नत की, लेकिन उन्हें नहीं जाने दिया गया। दोनों कुछ देर तक केंद्र के बाहर इंतजार करने के बाद लौट गए।
परीक्षा केंद्र के बाहर पतियों और भाइयों ने बच्चों को संभाला और माताओं ने परीक्षा दी। बच्चों को संभालने में माता और पिता मशक्कत करते दिखे। गोहाना से पत्नी को परीक्षा दिलाने आए सचिन ने फोन से मन बहलाकर दो घंटे तक बच्चे को संभाला। हांसी से बहन को परीक्षा दिलाने आए भाई ने भांजे को परीक्षा केंद्र के बाहर संभाला। इसी तरह सोनीपत से पत्नी को परीक्षा दिलाने के लिए लेकर पहुंचे पति ने बच्चे को संभाला।
परीक्षा केंद्र पर पुरुष परीक्षार्थियों के हाथ से धागे से लेकर चेन और महिलाओं की नोज पिन, बालियां और चेन उतरवाई गईं। परीक्षा केंद्र पर महिलाओं को नोज पिन उतारने में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। एक महिला को नोज पिन उतारने में 20 मिनट का समय लग गया। तीन प्रयास में उसकी नोज पिन उतर पाई। इसके चलते वह परीक्षा के लिए लेट भी हो गई।
परीक्षा केंद्र के बाहर परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षार्थी पुस्तक लेकर पढ़ते नजर आए। वहीं जो विद्यार्थी एक दिन पहले ही परीक्षा के लिए पानीपत पहुंच गए थे, वे पुल के नीचे विश्राम करते और सोते नजर आए। थकान की वजह से परीक्षा के बाद भी पुल के नीचे परीक्षार्थी झपकी लेते दिखे।