पानीपत। गेहूं के सीजन में मौसम एकाएक करवट ले गया। शनिवार देर शाम को तेज अंधड़ के हल्की बूंदाबांदी हुई। यह रुक-रुककर करीब आधे घंटे तक चली। बूंदाबांदी के बाद खेतों में गेहूं कटाई कार्य बाधित हो गया। वहीं मंडियों में गेहूं को भीगने से बचाने के लिए किसानों ने ढेरियों को तिलपाल से ढका। मौसम विशेषज्ञों ने अगले तीन दिन आसमान में बादल छाए रहने और बूंदाबांदी की संभावना जताई है।
शनिवार सुबह ही आसमान में हल्के बादल छाए रहे। इसके बाद दिन में तेज धूप खिली रही। किसानाें ने मौसम का मिजाज बदलने की संभावना को देखते हुए गेहूं कटाई का कार्य तेज किया। खेतों में कंबाइन से कटाई कार्य दिनभर चलता रहा। वहीं मंडियों में भी साथ के साथ गेहूं खरीद का कार्य चलता रहा। शाम को करीब साढ़े छह बजे करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चली। इसके साथ आसमान में बादल घिर आए। मतलौडा व इसराना समेत जिले में कई हिस्साें में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक रुक-रुककर कई बार में बूंदाबांदी चली। ऐसे में खेतों में कंबाइन से गेहूं कटाई का कार्य बंद करना पड़ा। जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि अगले तीन दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। किसानों को इस मौसम में गेहूं कटाई से बचना चाहिए।
मंडियों में तिरपाल लेकर पहुंचे किसान
किसान मौसम को देखते हुए अनाज मंडियों में तिरपाल लेकर पहुंचे। शाम को बूंदाबांदी शुरू होते ही किसानों से तिरपाल से ढेरियों को ढक दिया। जबकि कुछ किसानों ने आढ़तियों के पास रखे तिरपालों का प्रयोग किया। पूठर गांव निवासी हरपाल और जयनारायण ने बताया कि मंडी में तिरपाल की कोई खास व्यवस्था नहीं है। शैड भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में बूंदाबांदी के बाद किसानों को फसल बचानी मुश्किल हो जाती है। बूंदाबांदी के चलते कंबाइन के साथ रविवार सुबह के समय कटाई नहीं हो सकती।