पानीपत। अयोध्या में होने वाली रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या पर पानीपत में रविवार शाम को निकाली श्रीराम शोभायात्रा के चलते जीटी रोड पर शहर में वाहनों का प्रवेश निषेध रहा। वाहन चालकों को एलिवेटेड हाईवे से गुजारा गया। दिल्ली-चंडीगढ़ और चंडीगढ़ दिल्ली के वाहन चालकों को तो इतनी परेशानी नहीं हुई, लेकिन शहर में आने और यहां से लोकल रूटों पर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जीटी रोड की क्रॉसिंग को शहर के हिस्से में बेरिगेड्स लगाकर बंद रखा। ऑटो और ई-रिक्शा न चलने पर यात्रियों ने सिवाह से शहर तक का सफर पैदल नापना पड़ा। पुलिस ने जीटी रोड की करनाल-दिल्ली लेन से यातायात को रविवार सुबह ही डायवर्ट कर दिया। दिल्ली-चंडीगढ़ लेन से हल्के वाहनों की आवाजाही रखी गई। करनाल की तरफ से जीटी रोड टोल प्लाजा और दिल्ली की तरफ पुलिस ने नाका लगाया। यहां से वाहनों को एलिवेटेड हाईवे से डायवर्ट किया गया। शहर में आने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा गया। शहर में किसी भी वाहन को प्रवेश नहीं करने दिया गया। दिल्ली-करनाल लेन पर शहर के हल्के व मध्यम वाहनों को आने दिया गया। करनाल-दिल्ली लेन शहर के हिस्से में पूरी तरह से बंद रखी।
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वैकल्पिक रास्तों में फंसे वाहन
रोहतक और गोहाना से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को डाहर बाईपास से होते हुए एनएच-44 पर प्रवेश कर नांगलखेड़ी से एलिवेटेड हाईवे (फ्लाईओवर) का प्रयोग कर अपने गंतव्य पर पहुंचाया गया। रोहतक व गोहाना की तरफ से जीटी रोड पार कर दूसरी तरफ जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह जींद से चंडीगढ़ और दिल्ली की और जाने वाले वाहन चालक असंध रोड़ पर नाका से दिल्ली पैरलल नहर बाईपास होते हुए रिफाइनरी रोड या सिवाह बाईपास से जीटी रोड पर प्रवेश कर अपने गंतव्य पर निकाला गया। यहां पर भी वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। असंध नाके पर पूरा दिन में कई बार जाम की स्थित रही।
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यात्रियों को पैदल गंतव्य तक पहुंचना पड़ा
दिल्ली और चंडीगढ़ समेत अन्य रूटों से बसों में आने वाले यात्रियों को सिवाह गांव स्थित नए बस स्टैंड और जीटी रोड स्थित टोल प्लाजा पर उतार दिया गया। अन्य दिनों यहां से ऑटो व ई-रिक्शा और सिटी बस सर्विस का सहारा लेकर यात्री आ जाते थे, लेकिन रविवार को ऑटो व ई-रिक्शा बंद रही। ऐसे में यात्रियों को पैदल ही अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। आसन निवासी कमला और दीपिका ने बताया कि वे सोनीपत से आए थे। सिवाह बस स्टैंड से आगे रिक्शा नहीं मिली। उनको लालबत्ती तक पैदल आना पड़ा।