पानीपत। भाजपा के विधानसभा का टिकट घोषित करते ही चार में से तीन विधानसभाओं में असंतुष्ट अगले दिन ही सामने आ गए। महिला माेर्चा की जिलाध्यक्ष आशु सत्यवान शेरा ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। समालखा में भाजपा के टिकट पर दो बार चुनाव लड़ चुके शशिकांत कौशिक समर्थकों सहित आगे आ गए हैं। वे आठ को अंतिम फैसला लेंगे।
वहीं पानीपत शहर में युवा नेता हिमांशु शर्मा ने समर्थकों के साथ बैठक की। उन्होंने भी जल्द ही बैठक कर अंतिम फैसला लेने की बात कही। इनके साथ भाजपा का टिकट न मिलने पर असंतुष्ट भी साथ लग सकते हैं। इसको लेकर भी लॉबिंग शुरू कर दी है। भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष आशु सत्यवान शेरा ने वीरवार सुबह जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट को उनके सेक्टर-6 स्थित आवास पर अपनी इस्तीफा दिया। उन्होंने मोर्चा जिलाध्यक्ष के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है। आशु शेरा जिला परिषद की चेयरपर्सन रही हैं। उनके पति सत्यवान शेरा इसराना विधानसभा से टिकट की मांग कर रहे थे। वे हलके में भी लंबे समय से सक्रिय थे। पार्टी ने यहां से राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार को टिकट दिया है। आशु शेरा के इस्तीफा देने से उनके व्यक्तिगत और नजदीकी वोट प्रभावित हो सकते हैं।
भाजपा के युवा नेता हिमांशु शर्मा ने वीरवार को सेक्टर-25 में एक स्थान पर बैठक की। उन्होंने सैकड़ों समर्थक यहां पहुंचे। हिमांशु शर्मा ने सबके साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पार्टी में मेहनती कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया गया है। उन्होंने पार्टी की बैठकों में दरी तह बिछाई, लेकिन उनको आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि वे जल्द ही शहरवासियों के हक में बड़ा फैसला लेंगे।
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नांगरू बोले पार्षद का नहीं लड़ना चुनाव
निगम के वार्ड-20 के पार्षद लोकेश नांगरू पानीपत शहर से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। नांगरू ने कहा कि वे निगम का चुनाव नहीं लड़ेंगे। वह दूसरे कार्यकर्ताओं के साथ अपनी सीट छोड़ने को तैयार हैं। वह और उनका परिवार संघ की विचारधारा रखते हैं। संघ या पार्टी को छोड़ने का विषय सोच भी नहीं सकते। इधर टिकट के दावेदार गजेंद्र सलूजा ने कहा कि वे पार्टी की नीतियों पर चलते हैं और पार्टी के फैसलों का स्वागत करते हैं।